मोतिहारी स्थित पुलिस केंद्र में नवनियुक्त पुलिस कर्मियों को एक अनुशासित, सक्षम और कानूनन दक्ष पुलिस बल के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी गंभीरता और नियमितता के साथ संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य न केवल जवानों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाना है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी इतना सुदृढ़ करना है कि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का सामना आत्मविश्वास और संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर रहकर कर सकें।
प्रशिक्षण के तहत नवनियुक्त पुलिस कर्मियों को प्रतिदिन रैतिक परेड का अभ्यास कराया जा रहा है। रैतिक परेड के माध्यम से जवानों की शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति, अनुशासन और एकरूपता को विकसित किया जा रहा है। परेड अभ्यास में कदमताल, ड्रिल, दौड़, व्यायाम और अन्य शारीरिक गतिविधियां शामिल हैं, जिससे जवानों में टीम वर्क की भावना के साथ-साथ आदेशों का त्वरित पालन करने की आदत विकसित हो रही है। प्रशिक्षण अधिकारियों का कहना है कि एक सशक्त पुलिसकर्मी के लिए शारीरिक फिटनेस उतनी ही आवश्यक है जितनी कि मानसिक सतर्कता।
शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ पुलिस केंद्र में इंडोर प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में नियुक्त अनुभवी पदाधिकारियों द्वारा नवनियुक्त जवानों को देश के कानूनों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। खास तौर पर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी से जुड़े कानूनी प्रावधानों, प्रक्रियाओं और सावधानियों पर विस्तार से पाठ पढ़ाया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया जा रहा है कि किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी के समय किन-किन नियमों का पालन अनिवार्य है और किन परिस्थितियों में पुलिस को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
इंडोर कक्षाओं में भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता, साक्ष्य अधिनियम सहित अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की मूलभूत जानकारी दी जा रही है। साथ ही मानवाधिकार, आरोपी के अधिकार, महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित विशेष कानून, तथा संवैधानिक मूल्यों पर भी प्रशिक्षुओं को जागरूक किया जा रहा है। प्रशिक्षण अधिकारियों द्वारा यह बताया जा रहा है कि कानून का पालन करते हुए निष्पक्ष और संवेदनशील पुलिसिंग ही जनता का विश्वास जीतने का सबसे मजबूत आधार है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक उदाहरणों और केस स्टडी के माध्यम से यह भी समझाया जा रहा है कि फील्ड में कार्य करते समय कानून और विवेक का संतुलन कैसे बनाए रखा जाए। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर प्रशिक्षण से ही पुलिस बल की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है।
पुलिस केंद्र, मोतिहारी में चल रहा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में जिले को एक अनुशासित, प्रशिक्षित और संवेदनशील पुलिस बल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नवनियुक्त जवान भी प्रशिक्षण को लेकर उत्साहित नजर आ रहे हैं और इसे अपने भविष्य की सेवा यात्रा की मजबूत नींव बता रहे हैं।










