राष्ट्रहित में ‘नेशन फर्स्ट’ का संदेश: मोतिहारी में आयोजित हुई देश की पहली जागरूकता संगोष्ठी

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मोतिहारी में गुरुवार को भाजपा युवा नेता एवं उद्योगपति समाजसेवी के नेतृत्व में राष्ट्रहित को समर्पित एक भव्य संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मोदी मेमेंटो म्यूजियम परिसर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री द्वारा “नेशन फर्स्ट” के तहत दिए गए सात महत्वपूर्ण संदेशों एवं अपीलों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। आयोजकों ने इसे देश का पहला ऐसा जनजागरूकता संगोष्ठी कार्यक्रम बताया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर , , भाजपा उत्तरी मंडल अध्यक्ष , पेट्रोलियम संघ अध्यक्ष , भाजपा जिलाध्यक्ष , भाजपा नेत्री तथा स्वर्णकार संघ अध्यक्ष सहित कई गणमान्य लोगों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री के सात सूत्रों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान, स्वदेशी अपनाने और विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर

सभा को संबोधित करते हुए यमुना सिकरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोविड काल की तरह राष्ट्रहित में एक वर्क फ्रेम तैयार करने का संदेश दिया है, ताकि हर नागरिक जागरूक बन सके और भविष्य में आने वाली किसी भी आपदा या विपदा का मजबूती से सामना कर सके। उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विदेशी मुद्रा की बचत बेहद जरूरी है। इसके लिए लोगों से कम से कम एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने, आयातित खाद्य तेल एवं रासायनिक खादों के उपयोग में कमी लाने, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने तथा रेल मार्ग से अधिक परिवहन एवं यात्रा करने की अपील की गई है। साथ ही स्वदेशी निर्मित वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया।

उपमहापौर डॉ लालबाबू प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इन सात सूत्रों को सरकारी कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था में भी लागू करने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और यदि देशवासी प्रधानमंत्री की सोच के साथ आगे बढ़ें तो भारत जल्द ही विश्व की नंबर एक अर्थव्यवस्था बन सकता है।

पेट्रोलियम संघ अध्यक्ष सुधांशु ने कहा कि यदि देशवासी पेट्रोल और डीजल की खपत कम करेंगे तो भविष्य में ऊर्जा संसाधनों पर दबाव घटेगा और इसका सीधा लाभ देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा। वहीं भाजपा नेत्री डॉ हीना चंद्रा ने कहा कि खाद्य तेल के सीमित उपयोग से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।

डॉ कुमार अजय ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देना समय की मांग है। इससे स्वस्थ अनाज का उत्पादन होगा और देश की आने वाली पीढ़ियां भी सुरक्षित रहेंगी।

कार्यक्रम में मौजूद सभी वक्ताओं ने प्रधानमंत्री के संदेश को राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण बताते हुए इसे गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। सभा में हजारों की संख्या में बुद्धिजीवी, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं समापन उप प्रचार्या ने किया।