थाने का डर तोड़ने उतरी पुलिस! मोतिहारी में पुलिस–पब्लिक फ्रेंडली कार्यशाला, DIG हर किशोर राय का दो टूक संदेश—जनता के बिना बेहतर पुलिसिंग नामुमकिन”

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पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस और आम जनता के बीच वर्षों से बनी दूरी, अविश्वास और भय की दीवार को तोड़ने की दिशा में एक निर्णायक पहल देखने को मिली। मोतिहारी के एक निजी सभागार  में पुलिस–पब्लिक फ्रेंडली कार्यशाला का आयोजन कर चंपारण रेंज पुलिस ने साफ संदेश दिया कि अब पुलिस सिर्फ कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि जनता की साथी और संरक्षक की भूमिका में भी खड़ी है।

इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, थानाध्यक्ष, पुलिस अधिकारी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और पब्लिक के बीच संवाद को मजबूत करना, आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके समाधान की दिशा में ठोस, व्यवहारिक पहल करना रहा।

कार्यशाला के दौरान खुला मंच रखा गया, जहां सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, चिकित्सकों और आम नागरिकों ने बेझिझक अपनी बात रखी। चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष, वरिष्ठ चिकित्सक, व्यवसायी और समाजसेवियों ने डीआईजी से सीधे सवाल पूछे। भूमि विवाद, थानों में आम लोगों के साथ व्यवहार, पुलिस का भय, मामलों के निष्पादन में देरी और न्याय प्रक्रिया की जटिलताओं जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।

डीआईजी हर किशोर राय ने बिना किसी लाग-लपेट के सभी सवालों का तथ्यपरक और बेबाक जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पुलिस और जनता के बीच संवाद ही इस तरह की कार्यशालाओं का मूल उद्देश्य है। जनता के सहयोग के बिना न तो अपराध नियंत्रण संभव है और न ही प्रभावी पुलिसिंग।” भूमि विवाद से जुड़े सवालों पर उन्होंने पुलिस की कानूनी सीमाओं को स्पष्ट करते हुए भरोसा दिलाया कि कानून के दायरे में रहकर पीड़ितों को हर संभव सहायता दी जाएगी। साथ ही उन्होंने फ्रेंडली पुलिसिंग मॉडल को और अधिक मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने अपने संबोधन में कहा कि मोतिहारी पुलिस जनता की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने दो टूक कहा कि थानों में आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किसी भी सूरत में सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। एसपी ने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है।

कार्यशाला के अंत में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस पहल की खुलकर सराहना की और भविष्य में भी ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। सभी ने एक स्वर में माना कि पुलिस और पब्लिक के बीच संवाद बढ़ने से न केवल आपसी विश्वास मजबूत होगा, बल्कि कानून-व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ होगी।

मोतिहारी में आयोजित यह पुलिस–पब्लिक फ्रेंडली कार्यशाला इस बात का स्पष्ट संकेत है कि चंपारण रेंज पुलिस अब सिर्फ अपराध पर लगाम लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जनता का भरोसा जीतकर संवेदनशील, पारदर्शी और जनोन्मुखी पुलिसिंग की नई मिसाल कायम करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।