पूर्वी चंपारण जिले में लगातार जारी कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभारी जिला पदाधिकारी द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी, पूर्वी चंपारण को आवश्यक और सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि मौजूदा मौसम बच्चों के लिए बेहद प्रतिकूल और स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक सिद्ध हो सकता है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि अब तक तापमान में कोई संतोषजनक सुधार नहीं हुआ है। सुबह और शाम के समय अत्यधिक ठंड, कोहरा और ठंडी हवाओं का प्रभाव लगातार बना हुआ है, जिससे खासकर छोटे बच्चों, प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में विद्यालयों का सामान्य समय पर संचालन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।
इसी क्रम में प्रभारी जिला पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया है कि जिले के ऐसे सभी निजी विद्यालय, जहां अभी तक शीतवकाश घोषित नहीं किया गया है, उनसे तत्काल संपर्क स्थापित किया जाए। इन विद्यालयों को वर्तमान मौसम की स्थिति के अनुरूप विद्यालय संचालन, समय-सारिणी तथा शैक्षणिक गतिविधियों में आवश्यक और अनिवार्य परिवर्तन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसमें विद्यालय खुलने और बंद होने के समय में बदलाव, ऑनलाइन या वैकल्पिक शैक्षणिक व्यवस्था, अथवा अस्थायी अवकाश जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों की जान और स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो। ठंड के इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार, निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है, खासकर उन बच्चों में जो सुबह-सुबह ठंडे वातावरण में स्कूल जाने को मजबूर होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग को पूरी जिम्मेदारी के साथ निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी को यह भी कहा गया है कि निजी विद्यालयों द्वारा किए गए सभी आवश्यक परिवर्तनों और उठाए गए कदमों का विस्तृत प्रतिवेदन अविलंब जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी विद्यालय प्रशासनिक निर्देशों का पालन कर रहे हैं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं।
इस प्रशासनिक पहल का जिले भर में सकारात्मक संदेश गया है। अभिभावकों ने भी जिला प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की मजबूरी और स्वास्थ्य को समझते हुए निर्देशों का ईमानदारी से पालन करेंगे। वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी निजी विद्यालयों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
कुल मिलाकर, पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा शीतलहर के दौर में शिक्षा से पहले बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे अहम है। मौसम सामान्य होने तक प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा और जरूरत पड़ने पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।










