सीकरीया शिक्षण संस्थान में गूंजा ‘हर घर स्वदेशी’ का संकल्प, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम

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सीकरीया शिक्षण संस्थान परिसर में आत्मनिर्भर भारत – हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार, भाजपा युवा नेता यमुना कुमार सीकरीया, उपमहापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद, भाजपा नेत्री डॉ. हिना चंद्रा, महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष मीना मिश्रा, उत्तरी मंडल अध्यक्ष राजेश जी एवं शिक्षण संस्थान की प्रिंसिपल प्रीति दुबे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे परिसर में देशभक्ति और स्वदेशी भावना की अलख देखने को मिली।

कार्यक्रम की शुरुआत सभी छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा स्वदेशी संकल्प लेने के साथ हुई। इस दौरान सभी ने यह प्रतिज्ञा की कि वे अपने दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करेंगे और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के लिए समाज को प्रेरित करेंगे।

विधायक प्रमोद कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को स्वराज से सुराज की ओर बढ़ना होगा और इसके लिए देश तथा गांव में बने उत्पादों को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने कारीगरों, किसानों और स्थानीय उद्योगों को मजबूत नहीं करेंगे, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार से ही देश की अर्थव्यवस्था सशक्त बनेगी।

भाजपा युवा नेता यमुना कुमार सीकरीया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। इसके लिए लगातार नई योजनाएं लाई जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने रोजमर्रा के जीवन में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लें और इसे एक जन आंदोलन का रूप दें।

उपमहापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद ने कहा कि स्वदेशी अपनाकर ही भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। स्वदेशी केवल आर्थिक मजबूती नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।

कार्यक्रम के अंत में स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेने वाले सभी प्रतिभागियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने छात्रों और उपस्थित लोगों में विशेष उत्साह और प्रेरणा का संचार किया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान सीकरीया शिक्षण संस्थान परिसर वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों से गूंजता रहा। यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।