वीरगंज, 32 आषाढ़ वीरगंज स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री गहवामाई मंदिर की चौथी रथयात्रा गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। पिछले तीन वर्षों से निरंतर आयोजित की जा रही इस रथयात्रा में इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विशेष पूजा-अर्चना के बाद सुबह मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई रथयात्रा घंटाघर, रेलवे रोड के भीतरी बाइपास, छपकैया, मुख्य सड़क, अस्पताल रोड, मकालु चौक और आदर्शनगर होते हुए पुनः माईस्थान मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालु जयकारों, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास के साथ यात्रा में शामिल रहे।
रथयात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमामय बनाने के लिए पर्सा जिला पुलिस कार्यालय के डीएसपी राजु कार्की के नेतृत्व में नेपाल पुलिस, सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल तथा ट्रैफिक पुलिस द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे तथा सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पूरे मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी गई और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी की गई।
रथयात्रा में शामिल होने के लिए सुबह से ही बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्रित हो गए थे। यात्रा शुरू होने से पहले वर्षा होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। मुख्य सड़क के विस्तार कार्य के कारण कुछ स्थानों पर हल्की असुविधा अवश्य हुई, लेकिन श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ रथयात्रा में शामिल रहे।
रथयात्रा के उपरांत आयोजन समिति के सचिव पप्पू गुप्ता ने सभी श्रद्धालुओं से शाम 6:00 बजे आयोजित होने वाली भव्य भजन संध्या में शामिल होकर माता गहवामाई के दर्शन एवं पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया। रथयात्रा में पर्सा के प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ), प्रदेश सभा सदस्य सुशील साह कानु, युवा नेता सुधीर पटेल सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
इसी अवसर पर विश्व ज्योतिष महासंघ के एशिया उपाध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम दुबे ने बताया कि श्रावण 1 की सुबह 6:00 बजे 56 भोग महापूजा तथा दोपहर 4:00 बजे से विशाल महाप्रसाद भंडारा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाप्रसाद ग्रहण करना माता रानी की असीम कृपा एवं अमृत स्वरूप प्रसाद प्राप्त करने के समान है, जो आत्मा और शरीर दोनों को पवित्र करने वाला माना जाता है।
डॉ. दुबे ने लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए महापूजा एवं विशाल महाप्रसाद भंडारे को शांतिपूर्ण, अनुशासित, मर्यादित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए नगरवासियों, श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों से सक्रिय सहयोग की अपील की।
आयोजन समिति के अनुसार, इस वर्ष की रथयात्रा धार्मिक आस्था, सामाजिक सद्भाव, अनुशासन और उत्कृष्ट सुरक्षा व्यवस्था का अनुपम उदाहरण बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
अभिलाष गुप्ता कि रिपोर्ट









