रक्सौल / बीरगंज उच्च अदालत जनकपुर के अस्थायी इजलास बीरगंज की संयुक्त पीठ ने वाहन कर वसूली से जुड़े विवाद में महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग, सहायक राजमार्ग और हुलाकी राजमार्ग पर पटके (चेकपोस्ट आधारित) वाहन कर वसूली पर रोक लगा दी है।
बीरगंज महानगरपालिका ने 8 करोड़ 61 लाख रुपये में पप्पू कन्स्ट्रक्शन को 17 अगस्त 2025 से 16 जुलाई 2026 तक के लिए वाहन कर संग्रह का ठेका दिया था। इसी विषय को लेकर कंपनी के प्रोप्राइटर अंकित पटेल ने जिला प्रशासन कार्यालय पर्सा समेत को विपक्षी बनाते हुए निषेधाज्ञा की मांग के साथ उच्च अदालत में रिट याचिका (रिट नं. 082-WO-0745) दायर की थी।
इस मामले में पर्सा क्षेत्र नं. 1 के सांसद बुद्धिप्रसाद पन्त ने तीसरे पक्ष के रूप में शामिल होकर अपना पक्ष रखा। उनके पक्ष से बहस करते हुए अधिवक्ता चन्द्रिका प्रसाद पटेल ने कहा कि “अदालत का यह अंतरिम आदेश संघीय शासन व्यवस्था में अधिकारों की सीमा स्पष्ट करने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इसे स्थानीय अधिकारों की कटौती नहीं, बल्कि अधिकारों की सीमारेखा तय करने के रूप में देखा जाना चाहिए।”
अदालत के आदेश के अनुसार अब राष्ट्रीय राजमार्ग, सहायक राजमार्ग तथा हुलाकी राजमार्ग पर चलने वाले वाहनों से कर वसूला नहीं जा सकेगा। हालांकि, 15 अगस्त 2025 की समझौता शर्तों के तहत स्थानीय सड़क, ग्रामीण सड़क या कृषि सड़क पर कर संग्रह जारी रखने में कोई बाधा नहीं होगी, ऐसा अदालत ने स्पष्ट किया है।
इससे पहले उच्च अदालत ने 17 अप्रैल 2026 को जारी अंतरिम आदेश को संशोधित करते हुए उसी सीमा तक निरंतरता प्रदान की है। अदालत ने आदेश की जानकारी विपक्षी पक्ष को देने का भी निर्देश दिया है।इस आदेश के बाद वाहन कर वसूली से जुड़े विवाद में काफी हद तक स्पष्टता आई है।










