मोतिहारी/छौड़ादानो। पूर्वी चंपारण के छौड़ादानो प्रखंड में एक परिवार ने दबंगई, मारपीट और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़िता सरिता देवी का आरोप है कि उनकी बेटियों को गांव का ही युवक विक्की कुमार स्कूल और ट्यूशन आने-जाने के दौरान परेशान करता था तथा अश्लील टिप्पणियां करता था।
परिजनों के अनुसार, जब इस मामले की जानकारी बेटी ने अपनी मां को दी तो परिवार ने युवक को समझाने का प्रयास किया। आरोप है कि इसके बाद विक्की कुमार अपने सहयोगियों संदीप शाह, मदन शाह और मोरमती देवी के साथ पीड़िता के घर पहुंच गया और विवाद शुरू कर दिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान सरिता देवी के साथ मारपीट की गई तथा उनके बाल पकड़कर घसीटा गया। बीच-बचाव करने पहुंचे पति संजय सेठी पर भी हमला किया गया, जिससे उनका हाथ टूट गया। वहीं सास-ससुर राम अयोध्या शाह समेत अन्य परिजनों के घायल होने की बात कही गई है। घायलों का इलाज मोतिहारी सदर अस्पताल में कराया गया, जबकि संजय सेठी को गंभीर हालत में मुजफ्फरपुर रेफर किया गया, जहां उनका ऑपरेशन हुआ।
घटना के बाद 5 जून 2026 को सरिता देवी अपने भाई देवेंद्र सत्यार्थी और भाभी कृतिका देवी के साथ छौड़ादानो थाना पहुंचीं और आवेदन दिया। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं की और जांच का आश्वासन दिया। अगले दिन महिला पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
परिवार का यह भी आरोप है कि थाना पहुंचने पर केस दर्ज करने के लिए रुपये की मांग की गई। इसी दौरान कृतिका देवी ने कथित रूप से अपने मोबाइल फोन से बातचीत का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने वीडियो हटाने का दबाव बनाया।
विवाद बढ़ने पर थाना परिसर में हंगामा हो गया। कृतिका देवी का आरोप है कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, जबकि पुलिस पक्ष का कहना है कि महिला ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की और एक महिला पुलिसकर्मी को घायल कर दिया। अपने बचाव में कृतिका द्वारा पुलिसकर्मियों को दांत काटने की भी बात सामने आई है।
मामले में पुलिस ने कृतिका देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की और 9 माह की बच्ची के साथ उन्हें 8 जून 2026 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
घटना को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।










