मोतिहारी में आयुष चिकित्सकों का बड़ा विरोध प्रदर्शन: छापेमारी के खिलाफ एकदिवसीय हड़ताल का ऐलान, डीएम को सौंपा ज्ञापन”

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मोतिहारी में आयुष चिकित्सकों के निजी क्लीनिकों पर लगातार हो रही छापेमारी के विरोध में आयुष चिकित्सक संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक दिवसीय हड़ताल का आवाहन किया है। इस मुद्दे को लेकर संघ के सैकड़ों चिकित्सक एकजुट होकर जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल को अपनी मांगों से संबंधित आवेदन सौंपा। इस दौरान चिकित्सकों ने प्रशासन से स्पष्ट और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि बिना समुचित जांच के निजी क्लीनिक चलाने वाले आयुष चिकित्सकों को परेशान करना पूरी तरह अनुचित है।

आयुष चिकित्सक संघ के अध्यक्ष अब्दुल खबीर और सचिव डॉ मिन्नतुल्लाह  नेतृत्व में बड़ी संख्या में चिकित्सक जिला समाहरणालय पहुंचे। उनके साथ डॉ. दीपक, डॉ. रंजन कुमार , डॉ. प्रवीन कुमार, और डॉ मंतोष सहनी

सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए हजारों आयुष चिकित्सक मौजूद रहे। सभी चिकित्सकों ने एक स्वर में कहा कि वे किसी भी अवैध गतिविधि के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन जिन चिकित्सकों के पास वैध कागजात हैं और जो केवल निजी क्लीनिक चला रहे हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। 🏥

संघ के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को दिए गए आवेदन में स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासन द्वारा की जा रही लगातार छापेमारी से जिले के आयुष चिकित्सकों में भय और असंतोष का माहौल बन गया है। उनका कहना है कि कई ऐसे चिकित्सक हैं जो किसी सरकारी अस्पताल में कार्यरत नहीं हैं और केवल निजी क्लीनिक के माध्यम से आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे चिकित्सकों के साथ कठोर कार्रवाई करना न केवल अनुचित है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रभावित कर सकता है। 🚑

हालांकि संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि जो आयुष चिकित्सक सरकारी अस्पतालों में कार्यरत रहते हुए नियमों का उल्लंघन कर निजी क्लीनिक संचालित कर रहे हैं, उनके खिलाफ प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। संघ का कहना है कि वे नियमों के पालन के पक्षधर हैं और किसी भी तरह की अनियमितता का समर्थन नहीं करते। लेकिन बिना सही जांच-पड़ताल के कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं है। 📄

चिकित्सकों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी क्लीनिक पर छापेमारी से पहले संबंधित चिकित्सक के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाए और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि इससे ईमानदारी से सेवा दे रहे चिकित्सकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था भी सुचारु रूप से चलती रहेगी।

इस दौरान आयुष चिकित्सक संघ के सदस्यों ने चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल संघ ने एक दिवसीय हड़ताल का आवाहन कर प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है। 🗣️

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को किस तरह से लेता है और आयुष चिकित्सकों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने और चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और चिकित्सक संघ के बीच संवाद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।