बिना डीजे, शांति के साथ विसर्जन करने वाली पूजा समितियों को मिला सम्मान — एसपी स्वर्ण प्रभात की पहल बनी मिसाल”

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मोतिहारी जिले में इस वर्ष सरस्वती पूजा एक नई मिसाल के रूप में सामने आई है। जिला पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात की अनोखी और सराहनीय पहल के तहत प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जिन पूजा समितियों एवं छात्रों ने शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा संपन्न की, उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। खास बात यह रही कि इन पूजा समितियों द्वारा न तो डीजे बजाया गया और न ही विसर्जन के दौरान किसी प्रकार का शोर-शराबा किया गया। पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से मूर्ति विसर्जन कर प्रशासन के प्रति सहयोग का परिचय दिया गया।

एसपी स्वर्ण प्रभात की इस पहल का उद्देश्य न केवल ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण करना है, बल्कि सामाजिक सौहार्द, कानून-व्यवस्था की मजबूती और युवाओं में जिम्मेदार नागरिक होने की भावना को भी प्रोत्साहित करना है। इसी कड़ी में मोतिहारी नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरस्वती पूजा समितियों को सम्मानित करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मोतिहारी नगर थाना परिसर में आयोजित इस सम्मान समारोह में सदर एसडीपीओ दिलीप सिंह ने चयनित पूजा समितियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने पूजा समितियों, आयोजकों एवं छात्र-छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि बिना डीजे के पूजा और विसर्जन करना एक सकारात्मक सामाजिक संदेश है। इससे न सिर्फ शांति बनी रहती है, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।

एसडीपीओ दिलीप सिंह ने कहा कि पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में यह पहल आगे भी जारी रहेगी। थाना स्तर, अनुमंडल स्तर और जिला स्तर पर ऐसी पूजा समितियों को चिन्हित कर सम्मानित किया जा रहा है, ताकि अन्य समितियां भी इससे प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि त्योहार खुशियों का प्रतीक होते हैं, लेकिन उन्हें मनाने का तरीका भी उतना ही जिम्मेदार होना चाहिए।

सम्मान पाने वाली पूजा समितियों के सदस्यों ने भी प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि वे आगे भी नियमों का पालन करते हुए सामाजिक जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। उनका मानना है कि पूजा का असली उद्देश्य ज्ञान, अनुशासन और सद्भावना है, न कि शोर-शराबा।

कार्यक्रम के दौरान नगर थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के सम्मान से निश्चित रूप से पूजा समितियों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और भविष्य में सभी पर्व और भी शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होंगे।

कुल मिलाकर, मोतिहारी पुलिस की यह पहल न सिर्फ कानून-व्यवस्था के लिहाज से अहम है, बल्कि समाज को जागरूक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हो रही है।