रक्सौल नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 में चल रही नल-जल योजना अब लोगों के लिए राहत के बजाय मुसीबत बन गई है। योजना के तहत संवेदक ने जल्दबाजी में सड़कों पर पाइपलाइन बिछाकर काम तो शुरू कर दिया, लेकिन उसे अधूरा छोड़ दिया गया। परिणामस्वरूप सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और पाइपलाइन फूटने का खतरा मंडरा रहा है।
नाला किनारे सड़क खोदकर काम अधूरा छोड़ देने से कई जगह नाले क्षतिग्रस्त हो गए हैं। टूटे नालों और जाम की वजह से जल निकासी बाधित हो रही है, जिससे मोहल्लों में जलजमाव की स्थिति बनने लगी है। बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
“अधूरे काम से जनजीवन प्रभावित”
आश्रम रोड निवासी राकेश सिंह का कहना है कि अधूरा काम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन चुका है। नालियों का टूटना और सड़कों का खुदा रह जाना न केवल लोगों की आवाजाही में बाधा डाल रहा है, बल्कि बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी भरने की समस्या और बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
“राहत की जगह मुसीबत बनी योजना”
स्थानीय लोगों ने बताया कि नल-जल योजना से उन्हें जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन संवेदक और ठेकेदारों की लापरवाही ने इसे मुसीबत में बदल दिया है। जगह-जगह टूटी सड़कें और क्षतिग्रस्त नाले भविष्य की बड़ी समस्या का संकेत दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर पाइपलाइन फट गई तो न केवल सड़कों पर पानी बहेगा बल्कि जलापूर्ति व्यवस्था भी चरमराकर रह जाएगी।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। उनका कहना है कि अगर बरसात से पहले यह काम समाप्त नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो जाएगी। नालियों का टूटना, जलजमाव और सड़कों पर कीचड़ स्थानीय नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनेगा। साथ ही नल-जल योजना की पूरी मंशा पर भी सवाल खड़े होंगे।
ठेकेदार की लापरवाही पर नाराजगी
स्थानीय लोगों ने संवेदक की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बिना प्लानिंग और निगरानी के काम शुरू कर दिया गया और अधूरा छोड़ दिया गया। नाला और सड़क दोनों ही क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते काम पूरा नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
“जनहित में गंभीरता जरूरी”
नगर परिषद क्षेत्र के जानकार लोगों का कहना है कि नल-जल योजना बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, लेकिन रक्सौल में इसका क्रियान्वयन गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अधिकारियों को चाहिए कि वे संवेदक पर कार्रवाई करें और निगरानी सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
करवाई
रक्सौल के वार्ड 10 में नल-जल योजना अधूरी पड़ी होने से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। टूटी सड़कों और क्षतिग्रस्त नालों से स्थिति बिगड़ चुकी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर बरसात से पहले काम पूरा नहीं हुआ तो स्थिति भयावह हो सकती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक लोगों की आवाज सुनकर अधूरा कार्य पूरा कराता है।










