ओम प्रकाश उर्फ बाबू साहेब को ही मारी गोली

324

बिहार में अपराध बढ़ता जा रहा है  इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए शनिवार सुबह 8 बजे एक ठेकेदार को गोलियों से छलनी कर दिया। 8-10 की संख्या में आए बदमाशों ने ठेकेदार की स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ 25 राउंड फायरिंग की। जिससे बिजली विभाग के ठेकेदार ओम प्रकाश सिंह (45) की मौके पर ही मौत हो गई। फेनहारा प्रखंड के इजोरबारा गांव में गोलीबारी हुई है। खबर है कि गैंगवार में ये मर्डर हुआ है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। मौके से पुलिस ने 18 खोखे बरामद किए हैं।गोली बारी में छलनि स्कॉर्पियो

घटना के बारे मे बिस्तार जानकारी 

बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में चार लोग सवार थे। जिनमें लक्ष्मीनिया निवासी ओम प्रकाश उर्फ बाबू साहेब को ही गोली लगी और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। मौके से पुलिस ने 18 खोखे बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में चार लोग सवार थे। जिनमें लक्ष्मीनिया निवासी ओम प्रकाश उर्फ बाबू साहेब को ही गोली लगी और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

ओम प्रकाश गैंगस्टर मुकेश पाठक का राइट हैंड था। मुकेश पाठक के जेल जाने के बाद फिलहाल गैंग का सारा काम ओम प्रकाश ही देख रहा था। मुकेश पाठक गैंग और उसके लोगों की दुश्मनी सीतामढ़ी के संतोष झा गैंग, शिवहर के शिवनारायण सिंह गैंग, मुजफ्फरपुर के सोनू पाठक गैंग और मोतिहारी के भी एक गैंग से चल रही थी।

बताया यह भी जा रहा है कि ओम प्रकाश की अपने गांव में भी लोकल पॉलिटिक्स की वजह से कई लोगों से दुश्मनी हो गई थी। पुलिस फिलहाल सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।

मुकेश पाठक और संतोष झा पहले एक साथ काम करते थे। संतोष झा की सीतामढ़ी जेल कैंपस में हत्या के बाद मुकेश पाठक अलग हो गया। उसके बाद से वो अपनी स्वतंत्र गैंग चला रहा था।