कृष्ण के विभिन्न रूपों की मनमोहक नाट्य प्रस्तुति ने जीता दिल, द्रौपदी चीरहरण और सुदामा-कृष्ण मिलन के प्रसंगों ने बांधा समां

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मोतिहारी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मोतिहारी के नरसिंह बाबा मंदिर प्रांगण में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रात्रि करीब 8 बजे से शुरू हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। देखते ही देखते मंदिर परिसर में हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण कृष्ण भक्ति से सराबोर हो गया।

जन्माष्टमी के इस विशेष आयोजन में दही-हांडी फोड़ने को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। दही-हांडी फोड़ने के लिए युवाओं की टोली भी तैयार की गई थी। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में दही-हांडी प्रतियोगिता को लेकर उत्सुकता बनी रही। युवाओं के जोश और श्रद्धालुओं की भक्ति ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अरेराज स्थित प्रसिद्ध सोमेश्वर नाथ धाम के महंत रविशंकर गिरि पहुंचे। उनके आगमन से आयोजन की धार्मिक गरिमा और बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और उनके साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना एवं जन्मोत्सव के कार्यक्रम में भाग लिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके विभिन्न रूपों पर आधारित नाटकीय प्रस्तुतियां रहीं। कलाकारों ने धार्मिक प्रसंगों को अपनी शानदार अभिनय क्षमता और भजनों के माध्यम से मंच पर जीवंत कर दिया। द्रौपदी चीरहरण के प्रसंग की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। वहीं श्रीकृष्ण और सुदामा की मुलाकात पर आधारित प्रस्तुति ने मित्रता, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया।

भक्ति गीतों और कृष्ण भजनों की मधुर धुनों पर कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। मंच पर जैसे-जैसे धार्मिक प्रसंग प्रस्तुत होते गए, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। दर्शक तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते नजर आए।

जन्माष्टमी को लेकर नरसिंह बाबा मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक सजावट के बीच श्रद्धालुओं की भीड़ देखते ही बन रही थी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की घड़ी नजदीक आने के साथ ही लोगों में उत्साह चरम पर पहुंच गया।

आधी रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ जैसे जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीकृष्ण से सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।

नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में आयोजित यह आयोजन धार्मिक आस्था, संस्कृति और मनोरंजन का अनूठा संगम बन गया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।