मोतिहारी। मोतिहारी शहर के राजा बाजार स्थित गांधी ऑडिटोरियम में रविवार को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) की ओर से गरीब चौपाल यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में समर्थकों ने हिस्सा लिया। चौपाल के माध्यम से गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण मांग उठाई। उन्होंने आरक्षण में वर्गीकरण करने के साथ-साथ समय-समय पर इसकी समीक्षा किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य समाज के उन वर्गों को आगे बढ़ाना है, जो लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े रहे हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद तक पहुंचे
जीतन राम मांझी ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में वर्गीकरण होने से उन गरीब लोगों तक भी इसका लाभ पहुंचने की संभावना बढ़ेगी, जो अब तक आरक्षण के बावजूद अपेक्षित लाभ से वंचित रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की व्यवस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति को अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए। शिक्षा, रोजगार और विकास के क्षेत्र में गरीब और पिछड़े परिवारों को आगे बढ़ने का मौका मिलना जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान आर्थिक और सामाजिक विषमता पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “जो लोग सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, वे एड़ी फटने का दर्द नहीं समझ पाएंगे।” इस बयान के जरिए उन्होंने गरीब और मेहनतकश परिवारों के संघर्ष की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि गरीब व्यक्ति अपने जीवन में कई तरह की कठिनाइयों से गुजरते हुए अपने परिवार और बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने की कोशिश करता है।
मांझी ने कहा कि समाज में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए नीतियों का लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने गरीबों और वंचित वर्गों की समस्याओं को मजबूती से उठाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि योजनाओं और अधिकारों का वास्तविक लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं।
गरीब चौपाल यात्रा के दौरान पार्टी नेताओं ने भी गरीबों, वंचितों और सामाजिक न्याय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने केंद्रीय मंत्री की बातों को ध्यानपूर्वक सुना। चौपाल के माध्यम से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने गरीब और वंचित तबके की समस्याओं को राजनीतिक और सामाजिक विमर्श के केंद्र में लाने का प्रयास किया।
जीतन राम मांझी ने कहा कि सामाजिक न्याय की भावना तभी मजबूत होगी, जब समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का वास्तविक अवसर मिलेगा। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में वर्गीकरण और समीक्षा की अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि व्यवस्था का लाभ समाज के उन लोगों तक पहुंचना चाहिए, जो आज भी आर्थिक और सामाजिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं।
मोतिहारी में आयोजित यह गरीब चौपाल यात्रा गरीब और वंचित वर्गों के मुद्दों को लेकर चर्चा का प्रमुख केंद्र रही। कार्यक्रम के दौरान आरक्षण, सामाजिक न्याय और गरीबों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए।










