हरसिद्धि में जमीन नापी के दौरान खूनी संघर्ष: बीच-बचाव करने पहुंचीं सरपंच गीता देवी पर कुल्हाड़ी से हमला, दो गंभीर घायल

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मोतिहारी/हरसिद्धि। पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि प्रखंड अंतर्गत पकड़िया कुबरा पंचायत में वर्षों पुराने भूमि विवाद ने उस समय खूनी रूप ले लिया, जब प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत चल रही जमीन की नापी के दौरान  वर्तमान सरपंच गीता देवी पर  कुल्हाड़ी से हमला कर दिया गया। इस हमले में सरपंच समेत दो लोग परमानंद गिरि और ब्रिज किशोर गिरी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज मोतिहारी सदर अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।

वर्षों पुराने भूमि विवाद ने लिया हिंसक मोड़

स्थानीय लोगों के अनुसार पकड़िया कुबरा पंचायत में एक जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामले के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर जमीन की नापी कराई जा रही थी। नापी के दौरान दोनों पक्षों के लोग मौके पर मौजूद थे और अपनी-अपनी दावेदारी को लेकर लगातार बहस कर रहे थे। स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई और मौके पर शोर-शराबा तथा हंगामे का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विवाद के कारण नापी का कार्य भी प्रभावित हो रहा था और मौके पर मौजूद कर्मियों को काम करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।

सरपंच ने की शांति की अपील, फिर भड़क उठा विवाद

बताया जाता है कि स्थिति को बिगड़ता देख पंचायत की वर्तमान सरपंच गीता देवी ने दोनों पक्षों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि यदि हंगामा जारी रहेगा तो जमीन की सही नापी संभव नहीं हो पाएगी और विवाद और अधिक बढ़ सकता है।

लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सरपंच की यह अपील कुछ लोगों को नागवार गुजर गई। कुछ ही क्षणों में कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और माहौल पूरी तरह बेकाबू हो गया।

कुल्हाड़ी से हमले का आरोप, सिर पर लगी गंभीर चोट

घटना को लेकर लगाए गए आरोपों के अनुसार सुमंत गिरी ने अचानक सरपंच गीता देवी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि वार सीधे उनके सिर पर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं। हमले के बाद उनके सिर से काफी खून बहने लगा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

बचाने पहुंचे देवर पर भी हमला

जानकारी के अनुसार जब सरपंच गीता देवी के देवर  परमानंद गिरि उन्हें बचाने और बीच-बचाव करने पहुंचे तो  ओमकार गिरी, नीतीश गिरी, रंजय गिरी, राजन कुमार, उज्जवल गिरी, नवीन गिरी, प्रवीण गिरी, सत्यम कुमार और शिवम कुमार सहित अन्य लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की जिसमे उनके पाँच  दांत टूट गए और उन्हें मार कर लहू लुहान कर दिया

मारपीट में उन्हें भी गंभीर चोटें आईं और दोनों घायलों की हालत बिगड़ने पर स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें इलाज के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चल रहा इलाज

घटना के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों घायलों के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। चिकित्सक लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

घटना की खबर फैलते ही अस्पताल में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग पहुंच गए, जिससे वहां भी काफी भीड़ जुट गई।

इलाके में तनाव, लोगों में आक्रोश

घटना के बाद पकड़िया कुबरा पंचायत सहित आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है और लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि विवाद के मामलों में समय पर प्रभावी समाधान नहीं होने के कारण कई बार छोटे विवाद भी हिंसक रूप ले लेते हैं। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

हरसिद्धि थाना में दिया गया आवेदन

मामले में सरपंच गीता देवी के पति शर्मा गिरी ने हरसिद्धि थाना में लिखित आवेदन देकर नामजद आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत उनकी पत्नी और परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला किया गया।

आवेदन में कई लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भूमि विवाद फिर बना हिंसा की वजह

पूर्वी चंपारण जिले में भूमि विवाद के कारण होने वाली हिंसक घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर राजस्व संबंधी मामलों का निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान होने से इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

फिलहाल पकड़िया कुबरा पंचायत की इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए स्थानीय लोग क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील भी कर रहे हैं।