रक्सौल / बीरगंज प्रेस सेंटर नेपाल, पर्सा द्वारा स्थापित दो पत्रकारिता पुरस्कारों से पत्रकार नीरज पिठाकोटे मगर और बलिराम यादव को सम्मानित किया गया है।
महान शहीद एवं पत्रकार कृष्ण सेन ‘इच्छुक’ की स्मृति में स्थापित ‘कृष्ण सेन इच्छुक सम्मान’ पत्रकारिता पुरस्कार से नीरज पिठाकोटे मगर तथा ‘प्रेस सेंटर नेपाल युवा सक्रिय पत्रकारिता पुरस्कार’ से बलिराम यादव को सम्मानित किया गया। दोनों को 21-21 हजार रुपये नकद, सम्मान पत्र और दोसल्ला प्रदान किया गया।
नीरज पिठाकोटे मगर जो कारोबार राष्ट्रीय आर्थिक दैनिक के मधेश प्रदेश संयोजक तथा प्रेस सेंटर नेपाल मधेश प्रदेश अध्यक्ष हैं। वहीं बलिराम यादव राष्ट्रीय फण्डा ऑनलाइन के संचालक तथा प्रेस सेंटर नेपाल पर्सा के सदस्य हैं।
शनिवार को आयोजित सम्मान समारोह में प्रेस सेंटर नेपाल के केन्द्रीय अध्यक्ष कमल गिरी, सामुदायिक रेडियो प्रसारक संघ (अकोराब) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविन्द देवकोटा, नेपाल पत्रकार महासंघ केन्द्रीय लेखा समिति संयोजक केसी लामिछाने, प्रेस सेंटर नेपाल की केन्द्रीय सचिव सुनिता बराल, नेपाल पत्रकार महासंघ मधेश प्रदेश अध्यक्ष श्याम बञ्जारा सहित अन्य अतिथियों ने सम्मान प्रदान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कमल गिरी ने कृष्ण सेन ‘इच्छुक’ जैसे क्रांतिकारी पत्रकार के नाम पर स्थापित पुरस्कार के लिए योग्य व्यक्तित्वों का चयन किए जाने पर खुशी व्यक्त करते हुए सम्मानित पत्रकारों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सेन की हत्या में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय के लिए सभी पत्रकारों से एकजुट होने का आह्वान किया।
वरिष्ठ पत्रकार गोविन्द देवकोटा ने कहा कि शहीद पत्रकारों के बलिदान से प्राप्त उपलब्धियों पर लगातार चुनौतियाँ बढ़ रही हैं और संचार माध्यमों पर हो रहे आर्थिक दबाव के खिलाफ संघर्ष की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में नेपाल पत्रकार महासंघ केन्द्रीय लेखा समिति संयोजक केसी लामिछाने, मधेश प्रदेश अध्यक्ष श्याम बञ्जारा, पर्सा अध्यक्ष ओमप्रकाश खनाल, जिला प्रशासन कार्यालय पर्सा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी कृष्ण थापा सहित अन्य वक्ताओं ने शुभकामना व्यक्त की।
प्रेस सेंटर नेपाल पर्सा के अध्यक्ष शिवनाथ यादव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन सचिव अजित कुमार भूजेल ने किया। समारोह में विभिन्न संचार माध्यमों से जुड़े पत्रकारों और संचारकर्मियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
अभिलाष गुप्ता कि रिपोर्ट










