45 डिग्री तापमान में बिजली संकट से बेहाल हुए लोग, तीन ट्रांसफार्मर जलने के बाद देर रात लगा नया ट्रांसफार्मर

43

मोतिहारी नगर क्षेत्र के रघुनाथपुर वार्ड संख्या 28 में पिछले सात दिनों से जारी बिजली संकट ने आखिरकार लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। भीषण गर्मी और लगातार बिजली आपूर्ति ठप रहने से परेशान स्थानीय लोगों का गुस्सा देर रात सड़क पर फूट पड़ा। लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए तत्काल बिजली बहाल करने की मांग की।

जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 28 स्थित डॉ. योगेंद्र सिंह क्लीनिक के पास लगा ट्रांसफार्मर लगातार खराब होता रहा। एक के बाद एक कुल तीन ट्रांसफार्मर जल जाने से पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पिछले सात दिनों से इलाके में अंधेरा पसरा हुआ था। 45 से 46 डिग्री तापमान के बीच लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय निवासी दीपक गुप्ता, योगेंद्र राम और प्रदीप कुमार समेत कई लोगों ने बताया कि भीषण गर्मी में बिजली नहीं रहने से घरों में लगे पंखे, कूलर और पानी की मोटर बंद हो गए थे। सबसे ज्यादा परेशानी पानी को लेकर हो रही थी। लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा था। कई घरों में पानी की एक बूंद तक उपलब्ध नहीं थी।

प्रदीप कुमार ने बताया कि बिजली नहीं रहने के कारण मोटर पूरी तरह बंद हो गए थे, जिससे शौचालय तक में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। गर्मी और उमस के कारण लोग रातभर जागने को मजबूर थे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और बुजुर्गों की तबीयत भी बिगड़ने लगी थी।

का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग की ओर से समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हर बार सिर्फ आश्वासन दिया गया लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। लगातार ट्रांसफार्मर जलने से लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता गया।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब सातवें दिन भी बिजली बहाल नहीं हुई। इसके बाद देर रात बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और बिजली विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने “बिजली विभाग होश में आओ”, “जल्द बिजली दो” जैसे नारे लगाते हुए विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए इलाके का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी और बिजली मिस्त्री मौके पर पहुंचे। लोगों का गुस्सा देखते हुए विभाग हरकत में आया और देर रात तक नया ट्रांसफार्मर लगाने का काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत और तकनीकी प्रयासों के बाद नया ट्रांसफार्मर लगाया गया, जिसके बाद इलाके में बिजली आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

इधर वार्ड संख्या 28 के पार्षद मनीष भारती उर्फ मुकुल वर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को शांत कराया और अधिकारियों से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की मांग की। पार्षद ने कहा कि भीषण गर्मी में सात दिनों तक बिजली बाधित रहना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी समस्या न हो, इसके लिए विभाग से स्थायी समाधान की मांग की जाएगी।

दीपक गुप्ता ने बताया कि इलाके में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुरूप ट्रांसफार्मर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई है। गर्मी के मौसम में अधिक लोड पड़ने से ट्रांसफार्मर बार-बार जल जा रहे हैं। लोगों ने मांग की कि जल्द से जल्द उच्च क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी दोबारा उत्पन्न न हो।

योगेंद्र राम  का कहना है कि बिजली सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि आज के समय की सबसे जरूरी आवश्यकता बन चुकी है। खासकर भीषण गर्मी के मौसम में बिजली कटौती लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। यदि समय रहते विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में और भी बड़े आंदोलन हो सकते हैं।

फिलहाल नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में अब भी नाराजगी बनी हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग भविष्य में इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकालता है।