मोतिहारी एनकाउंटर: STF जवान शहीद, दो कुख्यात अपराधी ढेर, नेपाल बॉर्डर से जुड़े नेटवर्क का खुलासा

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बिहार के मोतिहारी जिले से एक बड़ी और संवेदनशील खबर सामने आई है, जहां पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत हो गई। इस एनकाउंटर में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के एक बहादुर जवान ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि पुलिस ने दो कुख्यात अपराधियों को ढेर कर दिया। इस घटना के बाद पूरे जिले में जहां एक ओर शोक की लहर है, वहीं दूसरी ओर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर लोगों में संतोष भी देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ सोमवार देर रात करीब ढाई बजे चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में हुई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके के दो वांछित अपराधी कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे अपने साथियों के साथ वहां छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही STF और स्थानीय पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी कर दी।

जैसे ही पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की, खुद को घिरा देख अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और दोनों ओर से करीब 15 से 20 मिनट तक लगातार गोलियां चलती रहीं।

इस मुठभेड़ में पुलिस ने बहादुरी दिखाते हुए दोनों अपराधियों को मौके पर ही मार गिराया। हालांकि इस दौरान STF के जवान श्रीराम यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्रीराम यादव की शहादत की खबर मिलते ही पूरे मोतिहारी में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि वे अपने पीछे पत्नी सिंधु कुमारी 2018 में शदी हुई थी लड़का श्रेयांश 4 साल लड़की अंशिका 6 साल  दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।

पूरे मामले की शुरुआत एक धमकी भरे फोन कॉल से हुई थी, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया था। चकिया थाने के अतिरिक्त थानाध्यक्ष को नेपाल के नंबर से कॉल कर अपराधियों ने खुलेआम पुलिस को चुनौती दी थी। कॉल करने वालों ने अपना नाम कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे बताते हुए कहा था कि अगली खबर में 10 से 15 पुलिसकर्मियों की मौत दिखाई जाएगी। इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया और कॉल ट्रेसिंग के जरिए उनकी लोकेशन रामडीहा गांव में पाई गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए दोनों अपराधी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई संगीन मामले दर्ज थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में सक्रिय थे और हथियारों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा थे।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक AK-47 राइफल, दो पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह बरामदगी इस बात का संकेत देती है कि अपराधियों के पास अत्याधुनिक हथियार थे और वे किसी बड़े वारदात की तैयारी में थे।

घटना की सूचना मिलते ही चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय, मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए।

डीआईजी हरकिशोर राय ने बताया कि घायल जवान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि दोनों अपराधियों का आपराधिक इतिहास रहा है।

पुलिस को आशंका है कि इस मुठभेड़ के दौरान अपराधियों के 3 से 4 अन्य साथी मौके से फरार हो गए, जो जंगल की ओर भाग निकले। इनकी गिरफ्तारी के लिए पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। साथ ही नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और नाकेबंदी कर दी गई है।

शहीद जवान श्रीराम यादव को जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से श्रद्धांजलि दी गई। मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि जवान ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है और उनके परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी। वहीं जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने भी शहीद के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और आर्थिक सहायता का भरोसा दिलाया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रामडीहा गांव लंबे समय से अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था। नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण यह इलाका हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कुंदन ठाकुर इलाके का कुख्यात अपराधी था, जो लूटपाट और रंगदारी के जरिए लोगों में डर पैदा करता था। प्रियांशु दुबे उसका करीबी सहयोगी था।

इस एनकाउंटर के बाद जहां इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं शहीद जवान की शहादत ने सभी को भावुक कर दिया है। फिलहाल पुलिस फरार अपराधियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है।