दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग विराट रामायण मंदिर पहुंचा पूर्वी चंपारण, 17 जनवरी को पांच नदियों के पवित्र जल से होगा अभिषेक

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पूर्वी चंपारण (मोतिहारी)।आस्था, श्रद्धा और अद्भुत इंजीनियरिंग का अनोखा संगम सोमवार को देखने को मिला, जब दुनिया का सबसे ऊंचा और विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलिपुरम से करीब 2178 किलोमीटर की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर पहुंच गया। एकल ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा, 33 फीट चौड़ा और करीब 210 मीट्रिक टन वजनी है, जिसे देखने और स्वागत करने के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा इलाका गूंज उठा।

डुमरिया पुल बना सबसे बड़ी चुनौती, 5 घंटे में कराया गया पार

शिवलिंग की यात्रा का सबसे चुनौतीपूर्ण पड़ाव गोपालगंज जिले के डुमरिया घाट थाना क्षेत्र स्थित रामपुर-खजुरिया ओवरब्रिज (NH-27) रहा। यह पुल पहले से ही जर्जर स्थिति में था और भारी वाहनों के लिए जोखिम भरा माना जाता है। 110 पहियों वाले विशेष ट्रेलर पर लदे सैकड़ों टन वजन वाले शिवलिंग को पार कराना प्रशासन और इंजीनियरों के लिए बड़ी परीक्षा थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) और NHAI के विशेषज्ञों को बुलाया गया। पुल के पिलर, गर्डर और स्ट्रक्चर की गहन जांच के बाद ट्रैफिक को पूरी तरह रोक दिया गया। कड़ी निगरानी और तकनीकी सावधानियों के साथ शिवलिंग को पुल पार कराने में पूरे 5 घंटे लगे। इस दौरान बुलडोजर से फूल बरसाकर शिवलिंग का स्वागत किया गया, जिसने इस ऐतिहासिक क्षण को और भव्य बना दिया।

मोतिहारी पहुंच सबसे बड़ा विश्व का शिवलिंग  रामायण मंदिर मे होगा  स्थापित

कड़ाके की ठंड में भी श्रद्धालुओं का सैलाब

भीषण ठंड और देर रात के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। लोग घंटों पहले सड़क किनारे खड़े होकर शिवलिंग की एक झलक पाने को आतुर दिखे। जगह-जगह स्वागत द्वार, फूल-मालाएं, रंग-बिरंगी रोशनी, ढोल-नगाड़े और शंखनाद से वातावरण भक्तिमय हो गया।

यूपी-बिहार के बलथरी चेकपोस्ट पर दो दिनों तक रुके रहने के बाद जब शिवलिंग ने नारायणी (गंडक) नदी पार की, तो गोपालगंज से लेकर पूर्वी चंपारण तक लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। सोमवार की रात शिवलिंग को विश्राम के लिए BBS तिवास पैलेस में रखा गया।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

शिवलिंग की सुरक्षित यात्रा और भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। चकिया डीएसपी संतोष कुमार के नेतृत्व में करीब 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। हर चौराहे और संवेदनशील स्थान पर पुलिस बल की मौजूदगी रही।

गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि विशेषज्ञों से विस्तृत मंथन के बाद ही शिवलिंग को आगे बढ़ाया गया। वहीं एसपी अवधेश दीक्षित ने कहा कि ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति अपनाई गई, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

तमिलनाडु से बिहार तक साढ़े तीन साल की साधना

यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलिपुरम के पट्टीकाडु गांव में तैयार किया गया है। प्रसिद्ध शिल्पकार लोकनाथ और उनकी टीम ने करीब 10 वर्षों की मेहनत से इसे तराशा। संस्थापक विनायक वेंकटरमण के अनुसार, इसके निर्माण में लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत आई।

21 नवंबर को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शिवलिंग को बिहार के लिए रवाना किया गया था। विराट रामायण मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ललन सिंह ने बताया कि शिवलिंग स्थापना से करीब 12 दिन पहले मंदिर परिसर पहुंच गया है, जबकि जनवरी–फरवरी 2026 में प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी।

17 जनवरी को पांच नदियों के जल से होगा महाभिषेक

17 जनवरी को कल्याणपुर स्थित विराट रामायण मंदिर में शिवलिंग का पीठ पूजा और भव्य अभिषेक किया जाएगा। इसके लिए पांच पवित्र नदियों के जल का उपयोग होगा। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी ऐतिहासिक होगा।

विराट रामायण मंदिर: आस्था का वैश्विक केंद्र

महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा निर्मित विराट रामायण मंदिर को दुनिया का सबसे बड़ा शिव मंदिर माना जा रहा है। मंदिर का आकार 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा, जिसमें 18 शिखर और 22 मंदिर शामिल होंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी।

मंदिर परिसर में गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी मंडप, गर्भगृह सहित चार आश्रम भी बनाए जाएंगे। यह परियोजना दिवंगत आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट रही है। 20 जून 2023 को शिलान्यास हुआ था। महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव सायन कुणाल ने विश्वास जताया कि यह भव्य मंदिर तय समय पर बनकर तैयार होगा और विश्व भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का नया केंद्र बनेगा।