जन सुराज का बड़ा संगठनात्मक बदलाव: ‘बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ’ अब बना ‘जन सुराज विचार मंच’

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पटना: जन सुराज पार्टी ने संगठन को मजबूत बनाने और आगामी कार्यक्रमों को तेज गति देने के उद्देश्य से बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने प्रदेश स्तर पर 11 सदस्यीय “जन सुराज विचार मंच” का गठन किया है। इस नई संरचना में 1 अध्यक्ष, 1 महासचिव और 9 उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह मंच राज्यभर में वैचारिक संवाद को मजबूत करेगा और संगठन विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा।

मुख्य बिंदु:

जन सुराज पार्टी ने “बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ” का नाम बदलकर अब “जन सुराज विचार मंच” कर दिया है।

पार्टी का उद्देश्य वैचारिक संवाद को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाना बताया गया है।

प्रदेश स्तर पर 11 सदस्यीय नई टीम का गठन किया गया है।

नई टीम संगठन विस्तार, कार्यक्रम संचालन और कार्यकर्ताओं के समन्वय का जिम्मा संभालेगी।

विचार मंच के पदाधिकारी राज्य, क्षेत्रीय कोर कमेटी और जिला कार्यकारिणी के साथ मिलकर कार्य करेंगे।

संगठन में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी

कुँवर चन्द्रेश को “जन सुराज विचार मंच” का प्रदेश  अध्यक्ष  बनाया गया है।

राकेश यादव को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

राजन दत्त द्विवेदी को भी विचार मंच में महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।

इसके अलावा विभिन्न जिलों से कई वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं को मंच में शामिल किया गया है।

जिन प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया उनमें:

राकेश कुमार सिन्हा – गया,जोगेश्वर मोची – मधुबनी,बिरेंद्र सिंह – रोहतास,संजय कुमार सुमन – गोपालगंज,प्रो. जमील अख्तर – किशनगंज,देवी प्रसाद चौधरी – सीतामढ़ी,प्रो. सुधीर मालाकार – वैशाली,कुशेश्वर भगत – बेगूसराय

पार्टी का क्या है उद्देश्य?

जन सुराज पार्टी का कहना है कि विचार मंच का गठन केवल संगठनात्मक विस्तार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह समाज के बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का कार्य करेगा।

पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बिहार की राजनीति में वैचारिक बहस और जनभागीदारी को मजबूत करने के लिए ऐसे मंच की आवश्यकता थी। इसी सोच के तहत “विचार मंच” को नया स्वरूप दिया गया है।

कार्यक्रमों को मिलेगी नई गति

पार्टी सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में जन सुराज विचार मंच जिला और प्रखंड स्तर पर कई संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसके माध्यम से शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और पंचायत स्तर की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।

नई टीम को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह आम लोगों और पार्टी नेतृत्व के बीच बेहतर संवाद स्थापित करे तथा संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाए।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

जन सुराज पार्टी के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पार्टी आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए अपने वैचारिक और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में जुटी है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि “जन सुराज विचार मंच” के गठन से पार्टी को जमीनी स्तर पर नई पहचान और मजबूती मिल सकती है।