मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चंपारण में ₹2,000 करोड़ से अधिक की योजनाओं का किया शिलान्यास व उद्घाटन

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मोतिहारी/बेतिया।

बिहार सरकार द्वारा विकास की रफ्तार को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंगलवार, 23 सितंबर 2025 का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिलों को बड़े पैमाने पर विकास कार्यों की सौगात दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा समेत बिहार विधानमंडल के जनप्रतिनिधि, सांसद और हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार की प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचे और पर्यटन को मजबूत करना है। चंपारण महात्मा गांधी की कर्मभूमि रही है और यहाँ के हर विकास कार्य का संबंध सीधे बिहार की आत्मा से है।

पूर्वी चंपारण को मिली ₹1,048 करोड़ से अधिक की सौगात

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्वी चंपारण जिले में ₹482 करोड़ 48 लाख की लागत से 17 विकासात्मक योजनाओं का शिलान्यास और ₹145 करोड़ 30 लाख की लागत से 294 योजनाओं का उद्घाटन किया। इसके अलावा कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया गया। 

प्रमुख योजनाएँ

₹106 करोड़ 15 लाख – मेहसी और चकिया रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे समपार संख्या-137 पर ओवरब्रिज सह पहुँच पथ का निर्माण।

₹15 करोड़ 79 लाख – सोमेश्वर नाथ मंदिर परिसर को जोड़ने वाला आरसीसी पुल।

₹16 करोड़ 21 लाख – सात नए 33 केवी लाइनों का निर्माण।

₹13 करोड़ 10 लाख – चकिया प्रखंड के सीताकुण्ड का पर्यटकीय विकास।

₹72 करोड़ 34 लाख – ढाका प्रखंड में लालबकेया नदी पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल।

₹37 करोड़ 68 लाख – अरेराज शिव मंदिर से फतआ पथ तक चौड़ीकरण।

₹14 करोड़ 97 लाख – पीपरा कोठी झील का पर्यटक दृष्टिकोण से विकास।

₹70 करोड़ 50 लाख – मेहसी प्रखंड में बूढ़ी गंडक नदी पर उच्चस्तरीय पुल।

₹10 करोड़ 91 लाख – दिलावरपुर (कल्याणपुर) में विद्युत उपकेंद्र।

₹14 करोड़ 99 लाख – मोतिझील झील-तट का पर्यटन विकास।

₹254 करोड़ 22 लाख – अरेराज के सोमेश्वरनाथ मंदिर में भव्य पर्यटन विकास योजना।

₹9 करोड़ 56 लाख – गायघाट (हरसिद्धि) में विद्युत उपकेंद्र।

₹13 करोड़ 71 लाख – मजुराहो-कोटवा संपर्क हेतु धनोत नदी पर पुल।

₹25 करोड़ 74 लाख – चकिया, अरेराज एवं मोतिहारी ग्रिड उपकेंद्रों में चार लाइन वे का निर्माण।

₹43 करोड़ 08 लाख – मोतिपुर-मोतिहारी 132 केवी संचरण लाइन का HTLS द्वारा रिकंडक्टरिंग।

₹102 करोड़ 22 लाख – 293 अन्य योजनाओं का उद्घाटन।

इन परियोजनाओं से जिले में पर्यटन, बिजली आपूर्ति, सड़क संपर्क और ग्रामीण विकास को सीधा लाभ मिलेगा।

पश्चिम चंपारण में विकास का महापर्व – ₹1,200 करोड़ से अधिक की योजनाएँ

मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण जिले के लिए भी ₹1001 करोड़ 50 लाख की लागत से 120 योजनाओं का शिलान्यास और ₹197 करोड़ 36 लाख की लागत से 237 योजनाओं का उद्घाटन किया।

प्रमुख योजनाएँ

₹277 करोड़ 70 लाख – दोन नहर शाखा (वाल्मीकिनगर से इनरवा तक) सेवा पथ का पुनर्स्थापन।

₹253 करोड़ 99 लाख – महाराजा स्टेडियम, बेतिया का पुनर्निर्माण।

₹145 करोड़ 98 लाख – अमवामन (सेनुवरिया) में 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र, रक्सौल ग्रिड उपकेंद्र और संबंधित संचरण लाइनों का निर्माण।

₹51 करोड़ 54 लाख – वाल्मीकिनगर में लव-कुश इको-टूरिज्म पार्क का विकास।

₹73 करोड़ 16 लाख – पथरी घाट से बरवत सेना तक सड़क (6.750 किमी) का चौड़ीकरण।

₹12 करोड़ 45 लाख – मधुबनी में डिग्री कॉलेज का निर्माण।

₹14 करोड़ 99 लाख – मोतिझील झील-तट का पर्यटन विकास।

बिहार सरकार की प्राथमिकता – पर्यटन और आधारभूत संरचना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार को देशभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है। अरेराज स्थित सोमेश्वरनाथ मंदिर और मोतिहारी का मोतिझील झील-तट अब आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सड़क, पुल और बिजली के बुनियादी ढाँचे में निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उप मुख्यमंत्री का वक्तव्य

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि चंपारण के लिए यह दिन ऐतिहासिक है। जिन परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ है, वे आने वाले वर्षों में इस इलाके की तस्वीर बदल देंगी।

वहीं उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार “विकास पुरुष” की छवि के अनुरूप काम कर रही है और इन योजनाओं से समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा।