महिला सशक्तिकरण की ओर एक और कदम: “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के तहत महिलाओं को किया गया सम्मानित

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मोतिहारी, 6 मार्च रपब्लिक 7 भारत    रजनीश रवि: महिला अंतर्राष्ट्रीय दिवस से पूर्व, जिले में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत महिलाओं को सम्मानित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला परिषद सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सांसद रमा देवी और मोतिहारी नगर निगम मेयर प्रीति गुप्ता मौजूद रहीं।

इस अवसर पर जिले की उन महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने समाज में उत्कृष्ट कार्य कर मिसाल पेश की है। इनमें शिक्षिका, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता, पुलिसकर्मी, उद्यमी, एवं अन्य क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाली महिलाएँ शामिल थीं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल

सांसद रमा देवी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “महिलाओं के बिना समाज की प्रगति अधूरी है। हमें बेटियों को बचाना और उन्हें शिक्षित करना बेहद जरूरी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।” उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुए महिलाओं से इनका अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।

वहीं, मोतिहारी नगर निगम कि मेयर गुप्ता ने कहा किमहिलाओं का सशक्तिकरण सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। जब एक महिला शिक्षित और आत्मनिर्भर होती है, तो वह पूरे परिवार और समाज को आगे बढ़ाती है।”

सम्मानित महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियाँ

इस कार्यक्रम में कई ऐसी महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए अपनी पहचान बनाई।

1. अनामिका देवी (शिक्षा क्षेत्र) – ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को शिक्षित करने की दिशा में उनका योगदान सराहनीय है।

2. डॉ. नेहा सिंह (चिकित्सा क्षेत्र) – स्वास्थ्य सेवाओं में महिलाओं और बच्चों की देखभाल के लिए उनका समर्पण अनुकरणीय है।

3. सीमा कुमारी (पुलिस विभाग) – अपने कर्तव्यनिष्ठा और साहस के लिए जानी जाने वाली सीमा महिलाओं की सुरक्षा के लिए कार्य कर रही हैं।

4. राधा गुप्ता (उद्यमिता क्षेत्र) – महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए।

समाज में जागरूकता फैलाने की अपील

इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। महिलाओं को सशक्त करने के लिए जरूरी है कि उन्हें समान अवसर और अधिकार दिए जाएं।

कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना की और उनके योगदान को प्रेरणास्रोत बताया।

निष्कर्ष

“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं की उपलब्धियों को मान्यता देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास था। इससे न केवल समाज में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलेगी। महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को और मजबूत करने के लिए हमें मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि हर बेटी सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बन सके।