पूर्वी चम्पारण जिले में 15 से 28 जनवरी 2025 तक मनाए जा रहे भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा के अंतर्गत आज, 21 जनवरी 2025 को विशेष जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सौरभ जोरवाल एवं अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, राजेश्वरी पांडेय ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर भूकंप सुरक्षा रथ और नुक्कड़ नाटक मंडली को रवाना किया। कार्यक्रम का आयोजन आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को भूकंप से बचाव और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाना था।
भूकंप सुरक्षा रथ और नुक्कड़ नाटक का संदेश
भूकंप सुरक्षा रथ को विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है, जिसमें भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपाय, प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी और आपदा से बचने की रणनीतियों को चित्रों और ऑडियो-वीडियो संदेशों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। रथ का संचालन जिला आपदा प्रबंधन की कोर कमेटी की देखरेख में किया गया, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर जागरूकता अभियान को बढ़ावा देगा।
नुक्कड़ नाटक मंडली ने भी भूकंप से बचाव के संबंध में प्रभावी प्रदर्शन प्रस्तुत किया। इसके तहत राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, मोतिहारी अभियंत्रण महाविद्यालय, और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर मॉक ड्रिल और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इन प्रस्तुतियों में भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थानों की पहचान, ‘ड्रॉप, कवर, और होल्ड’ तकनीक, तथा आपदा के बाद की प्राथमिक प्रतिक्रिया जैसे विषयों को रचनात्मक तरीके से दर्शाया गया।
मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम
कार्यक्रम के तहत राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज और मोतिहारी अभियंत्रण महाविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को आपदा के समय अपनाई जाने वाली तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह बताया गया कि भूकंप के दौरान खुले मैदान की ओर जाना, भारी वस्तुओं से दूर रहना और भवन निर्माण में भूकंपरोधी तकनीकों का उपयोग कैसे जीवन बचा सकता है।
जनभागीदारी और जागरूकता का उद्देश्य
जिलाधिकारी श्री सौरभ जोरवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। इस पखवाड़े का उद्देश्य न केवल जनता को शिक्षित करना है, बल्कि उन्हें इस बात के लिए प्रेरित करना है कि वे स्वयं के साथ अपने परिवार और समुदाय को भी सुरक्षित रखें।”
अपर समाहर्ता राजेश्वरी पांडेय ने भी इस अवसर पर कहा कि, “आपदा प्रबंधन का सही ज्ञान और तत्परता बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकती है। जागरूकता अभियान के माध्यम से हम हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं।”
आने वाले दिनों में गतिविधियां
भूकंप सुरक्षा पखवाड़े के अंतर्गत आगामी दिनों में जिले के स्कूलों, पंचायतों, और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी रथ और नुक्कड़ नाटक मंडली द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, विभिन्न समुदायों को भूकंपरोधी भवन निर्माण और आपदा के समय अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
निष्कर्ष
भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा पूर्वी चम्पारण जिले में जनजागरूकता और सामुदायिक सुरक्षा को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस तरह के अभियानों से न केवल आपदा के प्रति सतर्कता बढ़ती है, बल्कि लोगों को इस तरह के आपदाओं से निपटने के लिए तैयार भी किया जा सकता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच समन्वय से यह अभियान सफलतापूर्वक अपने उद्देश्य को प्राप्त करेगा।










