मोतिहारी जिले के पीपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत विशुनपुरा निवासी अजीत कुमार उर्फ अजीत भगत की निर्मम हत्या और शव को छिपाने की साजिश के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले के मुख्य अभियुक्त गोलू कुमार ने आज, 20 जनवरी 2024 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
मामले का खुलासा और प्राथमिकी दर्ज
मृतक अजीत भगत की मां, गीता देवी, पति मुखलाल भगत, निवासी विशुनपुरा, थाना पीपरा, ने अपने आवेदन में हत्या और शव छुपाने का आरोप लगाया था। इस आधार पर पीपरा थाना में कांड संख्या 357/24 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए चकिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई, जो अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
प्राथमिकी के नामजद अभियुक्तों का बयान
प्राथमिकी में दर्ज अभियुक्त विनोद प्रसाद ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करते हुए हत्या के पीछे की वजह और पूरी साजिश का खुलासा किया। उसके बयान के अनुसार, मृतक अजीत भगत ने उसकी बेटी की शादी तय होने के बाद उसे धमकी भरे कॉल और व्हाट्सएप संदेश भेजने शुरू कर दिए थे। अजीत ने कथित तौर पर लड़की का जीवन बर्बाद करने की धमकी दी थी।
विवाद की शुरुआत:
14 नवंबर 2024 को मृतक अजीत ने एक बार फिर फोन कर धमकी दी। इस घटना के बाद, विनोद प्रसाद ने अपने साले संजय भगत (जो मृतक का मौसा था) से अजीत को समझाने का अनुरोध किया। लेकिन समझाने के दौरान, अजीत ने संजय भगत के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की।
हत्या की साजिश का खुलासा
इसके बाद, विनोद प्रसाद ने दिल्ली से लौटकर 23 नवंबर 2024 को गोलू कुमार से मुलाकात की और हत्या की साजिश रची। उसने गोलू कुमार को एडवांस में ₹1 लाख दिए और शेष ₹2 लाख बाद में देने का वादा किया। विनोद प्रसाद 23 नवंबर को वापस दिल्ली लौट गया।
गोलू कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर 29 नवंबर 2024 को साजिश को अंजाम दिया। उन्होंने अजीत भगत को बलवा टोला बुलाया और उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, शव को छिपा दिया गया।
मुख्य अभियुक्त का आत्मसमर्पण और कार्रवाई
हत्या के इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस की दबिश के चलते मुख्य अभियुक्त गोलू कुमार ने आज न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले, नामजद अभियुक्त विनोद प्रसाद ने 12 जनवरी 2024 को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर लिया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
चकिया SDPO के नेतृत्व में गठित टीम अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
सामाजिक और पारिवारिक विवाद की ओर इशारा
इस हत्याकांड ने एक बार फिर से पारिवारिक और सामाजिक विवादों में बढ़ते अपराधों को उजागर किया है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, हत्या का मुख्य कारण अजीत भगत द्वारा लड़की को धमकाना और पारिवारिक संबंधों में तनाव बनना था।
न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग
मृतक अजीत भगत के परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला समाज में पारिवारिक और सामाजिक मुद्दों से जुड़े अपराधों की गंभीरता को दर्शाता है और इस पर गहन चर्चा की आवश्यकता को रेखांकित करता है।










