विश्वव्यापी पत्रकारिता सहयोग को मजबूत करने के लिए इंटरकॉन्टिनेंटल कनेक्शन ऑफ जर्नलिस्ट्स और सार्क जर्नलिस्ट फोरम के बीच तीन वर्षीय समझौता

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रक्सौल / बीरगंज वैश्विक पत्रकारिता सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से इंटरकॉन्टिनेंटल कनेक्शन ऑफ जर्नलिस्ट्स (आईसीजे) ग्लोबल मीडिया ग्रुप और सार्क जर्नलिस्ट फोरम के बीच तीन वर्ष की रणनीतिक साझेदारी संबंधी एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

समझौते पर सार्क जर्नलिस्ट फोरम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष राजु लामा ने अमेरिका के न्यूयॉर्क से तथा इंटरकॉन्टिनेंटल कनेक्शन ऑफ जर्नलिस्ट्स (आईसीजे) ग्लोबल मीडिया ग्रुप के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी Saša Dobrijević ने सर्बिया के बेलग्रेड से हस्ताक्षर किए।

समझौते के अनुसार दोनों संस्थाएँ स्वतंत्र पत्रकारिता को बढ़ावा देने, पेशेवर मानकों को सुदृढ़ करने तथा दक्षिण एशिया और विश्वभर के पत्रकारों के बीच सहयोग का विस्तार करने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगी। इसके साथ ही प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा, जिम्मेदार पत्रकारिता को प्रोत्साहित करने तथा दक्षिण एशियाई पत्रकारों की वैश्विक पहचान और पहुँच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

समझौते के तहत सार्क जर्नलिस्ट फोरम अब आईसीजे फ्रेंड्स संस्थागत नेटवर्क से जुड़ेगा। दोनों संस्थाएँ एक-दूसरे के आधिकारिक प्रतीकचिह्न और वेबसाइट लिंक अपने-अपने डिजिटल मंचों पर प्रदर्शित करेंगी। साथ ही, सार्क जर्नलिस्ट फोरम की गतिविधियों, उपलब्धियों और पहलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के लिए आईसीजे के डिजिटल मंच पर उसका आधिकारिक संस्थागत प्रोफ़ाइल भी तैयार किया जाएगा।

यह साझेदारी सार्क जर्नलिस्ट फोरम से जुड़े पत्रकारों को आईसीजे की सदस्यता लेने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी। सदस्य बनने के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क तक पहुँच, पेशेवर प्रशिक्षण, प्रकाशन के अवसर, अंतरराष्ट्रीय प्रेस पहचान पत्र, वैश्विक मीडिया पैनलों में भागीदारी तथा आईसीजे पुरस्कारों के लिए पात्रता जैसी सुविधाएँ प्राप्त होंगी। प्रीमियम सदस्यों को खोजी और विशेष पत्रकारिता सामग्री के अंतरराष्ट्रीय वितरण के लिए आईसीजे के कंटेंट मार्केटप्लेस तक भी पहुँच मिलेगी।

समझौता दक्षिण एशिया और विश्वभर में मीडिया एकजुटता को मजबूत करने के लिए संयुक्त परियोजनाओं, सूचना आदान-प्रदान, ऑनलाइन संवाद और समन्वित पहलों की रूपरेखा भी प्रस्तुत करता है। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह समझौता सद्भावना पर आधारित है और इससे किसी प्रकार का कानूनी, आर्थिक या व्यावसायिक दायित्व उत्पन्न नहीं होगा।

यह समझौता प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा और आपसी लिखित सहमति से इसका नवीनीकरण किया जा सकेगा। किसी भी पक्ष को 60 दिन पूर्व लिखित सूचना देकर इसे समाप्त करने का अधिकार होगा।

इस समझौते को अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता सहयोग के विस्तार, प्रेस स्वतंत्रता को बढ़ावा देने, जिम्मेदार पत्रकारिता को सशक्त बनाने और पत्रकारों के पेशेवर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे सार्क क्षेत्र के पत्रकारों को वैश्विक मीडिया नेटवर्क से अधिक प्रभावी रूप से जुड़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे।

अभिलाष गुप्ता कि रिपोर्ट