मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी स्थित बापू सभागार (गांधी प्रेक्षागृह) में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पखवाड़ा समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षत्रिय समाज के साथ-साथ सर्व समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पूरे सभागार में महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन शामिल हुए। उनके साथ गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री , बिहार विधान परिषद सदस्य तथा बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सहित कई गणमान्य नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल किसी एक समाज के नायक नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनके संघर्ष, त्याग और वीरता की गाथा आज भी युवाओं को राष्ट्रप्रेम और आत्मसम्मान की प्रेरणा देती है।
‘महाराणा प्रताप अश्वारोही रथ’ बना आकर्षण का केंद्र
पखवाड़ा समारोह से पूर्व जिले में ‘महाराणा प्रताप अश्वारोही रथ’ निकाला गया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। रथ यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए इस रथ का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया।
समेत कई स्थानों पर लोगों ने फूल-माला पहनाकर और पुष्पवर्षा कर रथ का स्वागत किया। इस दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने हाथों में भगवा ध्वज और महाराणा प्रताप के चित्र लेकर उनकी वीरता का स्मरण किया और जयकारे लगाए।
सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, आत्मसम्मान, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। आज के समय में उनके आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है, ताकि समाज में एकता, साहस और देशभक्ति की भावना और अधिक मजबूत हो सके।
पखवाड़ा समारोह के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिनमें कलाकारों ने महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी लोगों ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने और समाज में भाईचारे तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।










