वोट के आधार पर विकास का आरोप! वार्ड पार्षद मनीषा कुमारी के पति सुधीर कुमार पर पक्षपात, घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और स्ट्रीट लाइट घोटाले के गंभीर आरोप

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मोतिहारी नगर निगम के वार्ड संख्या-26 में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वार्डवासियों ने वार्ड पार्षद सुधीर कुमार के खिलाफ सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में अनियमितता और पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि मनुष्य की सबसे जरूरी आवश्यकताएं सड़क, बिजली और पानी हैं, लेकिन इन्हीं तीनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ रही है।

1. स्ट्रीट लाइट लगाने में अनियमितता का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर अनियमितता की जा रही है। एक-दो बिजली के पोल को छोड़कर स्ट्रीट लाइट लगाए जा रहे हैं, जिससे कई गलियां अब भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ नहीं किया जा रहा है।

2. टेंडर प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

वार्डवासियों ने आरोप लगाया है कि स्ट्रीट लाइट लगाने से संबंधित कार्य में टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा दिए गए कार्य में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और इसमें अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

3. नल निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप

लोगों का यह भी आरोप है कि नल निर्माण और अन्य विकास कार्यों में डुप्लीकेट ईंट और जंग लगे सरिया का उपयोग किया जा रहा है। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई तो सरकारी राशि का दुरुपयोग होने के साथ-साथ निर्माण कार्य भी जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।

4. वोट के आधार पर विकास कराने का गंभीर आरोप

वार्ड संख्या-26 के निवासियों ने सबसे गंभीर आरोप यह लगाया है कि वार्ड पार्षद केवल उन्हीं गलियों में विकास कार्य करा रहे हैं, जहां से उन्हें चुनाव में वोट मिला था। जिन मोहल्लों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, वहां विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है।

वार्डवासियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्षद खुले शब्दों में कहते हैं कि जिस गली से उन्हें वोट नहीं मिला, वहां विकास कार्य नहीं कराया जाएगा। इस कथित बयान को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया जा रहा है।

5. निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वार्डवासियों का कहना है कि सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं। इसलिए विकास कार्यों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

अब देखना यह होगा कि वार्डवासियों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर नगर निगम और जिला प्रशासन क्या कदम उठाते हैं और क्या जांच के बाद सच्चाई सामने आ पाती है या नहीं।