सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में बिहार का परचम: आशीष कुमार सिन्हा लगातार दूसरी बार बने कार्यकारिणी सदस्य

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मोतिहारी/नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत में आयोजित सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के वर्ष 2025-26 के चुनाव में बिहार के लाल अधिवक्ता आशीष कुमार सिन्हा ने एक बार फिर शानदार सफलता हासिल करते हुए कार्यकारिणी सदस्य (Member Executive) पद पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल अपनी मजबूत पेशेवर पहचान को और मजबूत किया है, बल्कि बिहार की प्रतिभा और अस्मिता का भी गौरव बढ़ाया है।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के इस प्रतिष्ठित चुनाव में Member Executive पद के लिए कुल 54 अधिवक्ताओं ने अपनी किस्मत आजमाई। चुनाव में कुल 2588 मत डाले गए, जिनमें अधिवक्ता आशीष कुमार सिन्हा को 469 मत प्राप्त हुए। भारी मतों से मिली इस जीत ने यह साबित कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अधिवक्ता आशीष कुमार सिन्हा ने अपनी जीत को लोकतंत्र, संविधान और न्यायिक मूल्यों की जीत बताया। उन्होंने सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर नमन कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि न्याय, समानता और संविधान की मूल भावना को मजबूत करना ही उनके सार्वजनिक जीवन का प्रमुख उद्देश्य रहेगा।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष पहली बार कार्यकारिणी सदस्य चुने जाने के बाद अधिवक्ता आशीष कुमार सिन्हा ने अपनी सक्रियता, स्पष्टवादिता और मुखर व्यक्तित्व के कारण अधिवक्ताओं के बीच एक अलग पहचान बनाई। विभिन्न मुद्दों पर उनकी सकारात्मक भूमिका और बार के हितों के प्रति प्रतिबद्धता का लाभ उन्हें इस चुनाव में भी मिला। यही कारण रहा कि उन्होंने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता को साबित किया।

पूर्वी चम्पारण जिले के मोतिहारी निवासी आशीष कुमार सिन्हा एक साधारण एवं मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय सुधीर कुमार सिन्हा और माता श्रीमती पूनम सिन्हा हैं। परिवार में दो भाई और एक बहन में वह सबसे बड़े हैं। जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें बचपन से ही संघर्ष करना सिखाया। वर्ष 2000 में उनके पिता की हत्या हो गई थी, जिसके बाद कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उनके कंधों पर आ गया। लेकिन उन्होंने विपरीत परिस्थितियों से हार मानने के बजाय संघर्ष को अपनी ताकत बनाया और परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

उनके छोटे भाई नितेश कुमार वर्तमान में बिहार विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। परिवार की शिक्षा और संस्कारों ने आशीष कुमार सिन्हा को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

शैक्षणिक क्षेत्र में भी उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने वर्ष 2014 में प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से एलएल.बी. (ऑनर्स) प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। छात्र जीवन से ही वह मेधावी और नेतृत्व क्षमता से संपन्न रहे हैं। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की और अपनी मेहनत तथा कानूनी दक्षता के बल पर तेजी से पहचान बनाई।

उनकी सफलता में उनकी पत्नी अधिवक्ता बिनीता जायसवाल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दोनों बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में एक ही बैच के छात्र रहे हैं। जीवनसाथी के रूप में बिनीता जायसवाल ने हर कठिन परिस्थिति में उनका साथ दिया, जिसका उल्लेख आशीष कुमार सिन्हा कई अवसरों पर कर चुके हैं।

वर्तमान में अधिवक्ता आशीष कुमार सिन्हा सुप्रीम कोर्ट में क्रिमिनल, सिविल, सर्विस, मैट्रिमोनियल सहित विभिन्न प्रकार के मामलों की पैरवी करते हैं। विशेष रूप से आपराधिक मामलों में उन्होंने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। एससी/एसटी एक्ट से संबंधित मामलों में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत दिलाने के कई महत्वपूर्ण मामलों में सफलता प्राप्त कर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी कानूनी समझ, प्रभावी तर्कशक्ति और न्यायालय में सशक्त प्रस्तुति के कारण मुवक्किलों के साथ-साथ अधिवक्ताओं के बीच भी उनकी विशेष प्रतिष्ठा है।

लगातार दूसरी बार सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य चुने जाने पर बिहार सहित पूर्वी चम्पारण के लोगों में खुशी का माहौल है। अधिवक्ताओं, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे बिहार के लिए गर्व का क्षण बताया है। आशीष कुमार सिन्हा की यह सफलता संघर्ष, मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक कहानी बनकर उभरी है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल साबित होगी।