रक्सौल / बीरगंज
बीरगंज में विश्व शांति के प्रतीक भगवान बुद्ध की 2570 वीं बुद्ध जयंती विभिन्न कार्यक्रमों के साथ भव्य रूप से मनाई गई। बीरगंज बौद्ध समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, बौद्ध धर्मावलंबियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध वंदना तथा त्रिशरण मंत्र के उच्चारण के साथ की गई। इसके बाद बीरगंज के माइस्थान से शांति रैली निकाली गई। रैली घंटाघर, बसपार्क होते हुए भिसुवा डांडा पहुंचकर सम्पन्न हुई। रैली में शामिल लोगों ने शांति, सहिष्णुता और मानवता का संदेश दिया।
कार्यक्रम संयोजक रुपेश मानन्धर की अध्यक्षता में आयोजित समारोह के प्रमुख अतिथि मधेश विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. दीपक शाक्य थे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में समाजसेवी जसपाल सिंह, राम बहादुर लामा, वीरगंज जेसीज के निवर्तमान अध्यक्ष सरोज चौरसिया, प्याब्सन वीरगंज अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशिला साह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रमुख अतिथि डॉ. शाक्य ने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेश आज के विश्व के लिए और भी अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा, संघर्ष और अशांति से ग्रसित समाज को बुद्ध की करुणा, मैत्री और मध्यम मार्ग ही सही दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा, “बुद्ध केवल एक धर्म के गुरु नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति के मार्गदर्शक हैं। यदि बुद्ध के विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज में शांति, समानता और सद्भाव स्थापित हो सकता है।”डॉ. शाक्य ने युवाओं से बुद्ध के उपदेशों का अध्ययन कर नैतिकता, अनुशासन और मानव सेवा के मार्ग पर चलने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन बीपीसी के प्रोफेसर डॉ. अर्बिन्द श्रेष्ठ ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि बुद्ध जयंती ने समाज में शांति और एकता की भावना को और मजबूत किया है।










