जनगणना 2027 की तैयारी तेज: अरेराज में पर्यवेक्षकों-प्रगणकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, सटीक आंकड़ों पर टिकी विकास की बुनियाद

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अरेराज। आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को अरेराज स्थित सोमेश्वर प्लस टू विद्यालय के सभागार में पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी आदित्य नारायण दीक्षित, राजस्व अधिकारी विनोद पांडे एवं मास्टर प्रशिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने जनगणना कार्य की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इसे राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। इस अवसर पर बीडीओ आदित्य नारायण दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के समुचित वितरण तथा विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक एवं प्रगणक इस पूरी प्रक्रिया की रीढ़ होते हैं, क्योंकि वही घर-घर जाकर वास्तविक स्थिति का आंकलन करते हैं और सटीक जानकारी संकलित करते हैं। इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि सभी कर्मी अपने दायित्वों को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ निभाएं। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण के दौरान दी जा रही प्रत्येक जानकारी को गंभीरता से समझें और उसे अपने क्षेत्रीय कार्य में सही तरीके से लागू करें।

बीडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य पूर्णतः निष्पक्ष और त्रुटिरहित होना चाहिए, क्योंकि इसी पर भविष्य की योजनाओं की दिशा निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि डेटा संग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि से बचने के लिए सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को जनगणना कार्य से जुड़े विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें प्रपत्र भरने की सही प्रक्रिया, घर-घर सर्वेक्षण की विधि, डिजिटल उपकरणों के उपयोग, मोबाइल आधारित डेटा एंट्री प्रणाली तथा सटीक और सुरक्षित डेटा संकलन के तरीकों पर विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्रतिभागियों को जनगणना कार्य की रूपरेखा, उनकी भूमिका एवं जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया गया, वहीं आगामी सत्रों में व्यवहारिक अभ्यास और तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि सभी कर्मी क्षेत्र में जाकर आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें।

इस अवसर पर मास्टर प्रशिक्षक मिंटू कुमार मिश्रा, ब्रजभूषण तिवारी, हृदय कुमार, रामउदय कुमार के साथ-साथ पर्यवेक्षक अमरेंद्र कुमार, रजनीश कुमार मिश्रा, संतोष कुमार तिवारी सहित बड़ी संख्या में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए इसे जनगणना कार्य को सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।