मोतिहारी-कोटवा की दूरी होगी कम: धनौती नदी पर 14 करोड़ की लागत से बन रहा 72 मीटर लंबा पुल, हजारों लोगों को मिलेगा लाभ

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मोतिहारी शहर को कोटवा से सीधे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत धनौती नदी पर नए पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल 72 मीटर लंबा होगा और इसके निर्माण से क्षेत्र के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

पुल निर्माण निगम के सहायक अभियंता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुल की चौड़ाई 14.7 मीटर रखी गई है। इसके साथ ही पुल पर पैदल चलने वालों के लिए अलग से फुटपाथ भी बनाया जाएगा, जिसकी चौड़ाई लगभग 1.47 मीटर होगी। पुल के दोनों किनारों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेफ्टी कर्व और मजबूत रेलिंग भी बनाई जाएगी, ताकि आवागमन पूरी तरह सुरक्षित रहे।

उन्होंने बताया कि यह पुल मजुरहा, मोतिहारी को हरदिया और कोटवा क्षेत्र से सीधे जोड़ेगा। पुल के निर्माण से समाहरणालय, जिला कोर्ट तथा शहर के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों से कोटवा तक की संपर्कता काफी आसान हो जाएगी। साथ ही यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग-28 से भी वैकल्पिक संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगा, जिससे क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

पुल के निर्माण से स्थानीय स्तर पर करीब 15 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जबकि सामान्य तौर पर लगभग 40 हजार लोग इस पुल के माध्यम से आवागमन का फायदा उठा सकेंगे। वर्तमान समय में समाहरणालय से कोटवा की दूरी करीब 23 किलोमीटर है, लेकिन पुल बनने के बाद यह दूरी लगभग 6.5 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे लोगों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

स्थानीय लोगों में भी इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। माजरा के निवासी राकेश प्रमोद सिंह ने बताया कि पुल बनने से इलाके के लोगों को काफी सुविधा होगी और यह विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि धनौती नदी के किनारे मैरिन ड्राइव बनाने का प्रस्ताव भी सरकार की ओर से आया है, जो इस क्षेत्र को और आकर्षक बनाने के साथ-साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएगा।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पुल बनने के बाद क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी बढ़ जाएगा। वर्तमान में माजरा की सड़कें मात्र 12 फीट चौड़ी हैं, ऐसे में यदि समय रहते इन सड़कों का चौड़ीकरण नहीं किया गया तो भविष्य में ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण के साथ-साथ आसपास की सड़कों का भी चौड़ीकरण कराया जाए, ताकि आने वाले समय में बढ़ते यातायात को सुचारु रूप से संभाला जा सके और विकास का लाभ आम जनता तक पूरी तरह पहुंच सके।