बिहार राज्य ग्रामीण गृह रक्षा वाहिनी का तीन दिवसीय प्रदर्शन शुरू, सरकार की नीतियों का विरोध

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  मोतिहारी: बिहार राज्य ग्रामीण गृह रक्षा वाहिनी (Bihar State Rural Home Guard Corps) ने अपनी 21 सूत्री मांगों को लेकर तीन दिवसीय आंदोलन का आगाज किया। 27 जनवरी 2025 को, मोतिहारी के कचहरी चौक पर पहले दिन धरना प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य बिहार सरकार की नीतियों और गृह रक्षकों के प्रति उसकी उदासीनता के खिलाफ आवाज उठाना है।

प्रदर्शनकारियो  के पहले दिन का कार्यक्रम: धरना प्रदर्शन

धरने के दौरान बड़ी संख्या में गृह रक्षक (Home Guards) शामिल हुए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और सरकार से अपनी समस्याओं का समाधान करने की अपील की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बिहार सरकार गृह रक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को अनदेखा कर रही है।

प्रदर्शनकारियों  ने आरोप लगाया कि उनकी सेवाओं का उपयोग सरकार करती है, लेकिन उनके हक और अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। गृह रक्षकों का कहना है कि वे दिन-रात राज्य की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करते हैं, फिर भी उन्हें उचित वेतन (Salary) और सुविधाएं (Facilities) नहीं दी जातीं।

21 सूत्री मांगें (Key Demands) 

गृह रक्षकों की मुख्य मांगों में शामिल हैं:

1. सेवा स्थायीकरण (Regularization of Services)

2. वेतन में वृद्धि (Salary Increment)

3. सामाजिक सुरक्षा लाभ (Social Security Benefits)

4. स्थायी भर्ती प्रक्रिया (Permanent Recruitment Process)

5. सेवा शर्तों में सुधार (Improvement in Service Conditions)

6. स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance)

7. अन्य सरकारी कर्मियों के समान सुविधाएं (Equal Facilities as Other Government   Employees)

दूसरे और तीसरे दिन का कार्यक्रम

आंदोलन के दूसरे दिन, 28 जनवरी को गृह रक्षक “थाली बजाओ” कार्यक्रम (plate Protest) के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे। यह अनोखा विरोध प्रदर्शन उनके रोष और सरकार की नीतियों के प्रति असंतोष को व्यक्त करेगा।

तीसरे दिन, 29 जनवरी को, “मशाल जुलूस” (Torch Procession) निकाला जाएगा। यह जुलूस सरकार को चेतावनी देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

गृह रक्षकों का आरोप: सरकार कर रही अनदेखी

गृह रक्षकों का कहना है कि बिहार सरकार लगातार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। वे बताते हैं कि अन्य राज्यों में गृह रक्षकों को बेहतर सुविधाएं और वेतन दिया जाता है, जबकि बिहार में उनकी स्थिति बेहद दयनीय है।  एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम दिन-रात ड्यूटी करते हैं, लेकिन हमारे साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है। सरकार को हमारी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज होगा।”

प्रदर्शन के दौरान यातायात प्रभावित  

कचहरी चौक पर धरना प्रदर्शन के कारण यातायात (Traffic) भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन स्थिति शांतिपूर्ण रही।

सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार 

गृह रक्षकों के इस आंदोलन पर सरकार की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगामी समय में बड़ा आंदोलन करेंगे।                                           निष्कर्ष                            बिहार राज्य ग्रामीण गृह रक्षा वाहिनी के इस आंदोलन ने सरकार के प्रति उनकी नाराजगी को स्पष्ट कर दिया है। तीन दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।