शिक्षक शमशाद हत्याकांड: 40 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, परिजनों ने निकाला कैंडल मार्च

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 एमएस कॉलेज से कचहरी चौक तक निकला विरोध मार्च, मुखिया तानिया परवीन, फैजुर रहमान और आसिफ आलम की गिरफ्तारी की मांग; प्रशासन के 15 दिनों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ सड़क जाम

मोतिहारी, 26 अक्टूबर 2026। पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र में हुए शिक्षक शमशाद हत्याकांड को लेकर परिजनों और सहयोगियों का आक्रोश सामने आया है। हत्या की घटना के करीब 40 दिन बीत जाने के बावजूद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजनों और सहयोगियों ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 की शाम कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

कैंडल मार्च शाम करीब 5:30 बजे मोतिहारी स्थित एमएस कॉलेज के मुख्य गेट से शुरू हुआ। हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर परिजन और सहयोगी कचहरी चौक पहुंचे। यहां उन्होंने शिक्षक शमशाद को न्याय दिलाने और मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।

 40 दिन बाद भी गिरफ्तारी का इंतजार

प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि हत्याकांड के बाद लगभग 40 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन अब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। उनके अनुसार, जफर आजाद चमन समेत अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजन और सहयोगी निराश हैं।

प्रदर्शनकारियों ने मुखिया तानिया परवीन, मुखिया पति फैजुर रहमान और आसिफ आलम को जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई। हालांकि, इन व्यक्तियों के विरुद्ध आरोपों और मामले में उनकी भूमिका की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होनी है। संबंधित पक्षों का जवाब और पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है।

परिजनों और सहयोगियों ने उठाई न्याय की आवाज

कैंडल मार्च में रफीक आलम, रिजवां खातून, शादाब आलम, शगुफ्ता प्रवीण, शाहनवाज आलम, शाइस्ता परवीन, शादिया परवीन, नाजिया परवीन, शाहबाज आलम और साजिया परवीन सहित परिजन एवं सहयोगी शामिल रहे।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले में त्वरित कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गंभीरता से प्रयास करने और हत्याकांड की जांच में तेजी लाने की अपील की।

 प्रशासन के 15 दिनों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ जाम

कैंडल मार्च के दौरान कचहरी चौक पर विरोध प्रदर्शन के कारण सड़क जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे आवागमन प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, प्रशासन की ओर से फरार आरोपियों को 15 दिनों के अंदर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया और आवागमन बहाल होने का रास्ता साफ हुआ।

अब गिरफ्तारी की समयसीमा पर टिकी निगाहें

शिक्षक शमशाद हत्याकांड में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों और सहयोगियों की मांग अब प्रशासन के आश्वासन पर टिकी है। प्रदर्शनकारियों को उम्मीद है कि निर्धारित 15 दिनों के भीतर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई करेगी।

अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में जांच किस तरह आगे बढ़ती है।