तुरकौलिया थानाध्यक्ष रंजीत कुमार की सूचना पर सदर एसडीपीओ-1 को दी गई जानकारी, गंडक कॉलोनी स्थित आवास पर हुई कार्रवाई
मोतिहारी/रघुनाथपुर, पूर्वी चंपारण। पूर्वी चंपारण जिले में सोशल मीडिया पर हथियार के साथ पूजा करने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के गंडक कॉलोनी में एक आवास पर छापेमारी कर कथित मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की कार्रवाई का आधार फेसबुक पर देखा गया एक वीडियो बताया जा रहा है, जिसमें विश्वकर्मा पूजा के दौरान हथियार के साथ पूजा करते हुए एक व्यक्ति दिखाई दिया था।
फेसबुक वीडियो से पुलिस को मिला सुराग
मिली जानकारी के अनुसार, तुरकौलिया थानाध्यक्ष रंजीत कुमार की नजर फेसबुक पर प्रसारित उस वीडियो पर पड़ी, जिसमें विश्वकर्मा पूजा के दौरान हथियार के साथ पूजा करते हुए दृश्य दिखाई दे रहे थे। वीडियो को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इसकी सूचना सदर एसडीपीओ-1 को दी। इसके बाद मामले को लेकर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की और संबंधित व्यक्ति के वर्तमान ठिकाने की जानकारी जुटाई।
जयसिंहपुर घरबाड़ी टोला का निवासी, वर्तमान ठिकाना गंडक कॉलोनी
बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति मूल रूप से तुरकौलिया थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर स्थित घरबाड़ी टोला का रहने वाला है। हालांकि, वर्तमान में उसका निवास रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के गंडक कॉलोनी इलाके में बताया गया है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने रघुनाथपुर गंडक कॉलोनी स्थित आवास पर छापेमारी की।
आवास पर छापेमारी में मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कथित मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया। इस कार्रवाई को अवैध हथियार निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, छापेमारी में कितने हथियार, हथियार बनाने के उपकरण या अन्य सामग्री बरामद हुई, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
इस घटना से एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो भी पुलिस जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग बन सकते हैं। विश्वकर्मा पूजा जैसे धार्मिक अवसर पर हथियार के साथ पूजा करने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित ठिकाने पर कार्रवाई की।
फिलहाल, मामले में बरामदगी, संभावित आरोपियों की गिरफ्तारी, हथियार निर्माण के नेटवर्क और अन्य पहलुओं से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होगी।










