दीपक ने कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया मान, शैलेश ने भी राष्ट्रीय मंच पर चमकाया पूर्वी चंपारण का नाम; मोतिहारी पहुंचने पर खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत
मोतिहारी। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित पोलो ग्राउंड इंडोर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की थांग-ता मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में बिहार के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे खिलाड़ियों के बीच आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किए। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से उनके परिवार, विद्यालय, जिले और खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर लौटे खिलाड़ियों का मोतिहारी पहुंचने पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
प्रतियोगिता में साहेबगंज निवासी सौम्या कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक यानी गोल्ड मेडल अपने नाम किया। सौम्या ने अपने मुकाबलों में बेहतरीन खेल कौशल और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय मंच पर स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं दीपक कुमार ने कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। दोनों खिलाड़ियों की सफलता की जानकारी मिलते ही उनके परिवार और विद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई।
सौम्या कुमारी और दीपक कुमार ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर मुजफ्फरपुर जिले के साथ-साथ अपने विद्यालय का नाम भी रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि यदि बच्चों को उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराया जाए तो सीमित संसाधनों में पढ़ने वाले बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
100 रुपये शुल्क में बच्चों को शिक्षा, प्रतिभा निखारने पर भी जोर
इन खिलाड़ियों की सफलता की एक खास बात यह भी है कि वे सार्थक मध्य विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विद्यालय में बच्चों को महज 100 रुपये शुल्क लेकर पढ़ाया जाता है। सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यालय प्रबंधन की ओर से बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ उनकी छिपी हुई प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास किया जाता है।
विद्यालय के प्रिंसिपल राजा कुमार और विद्यालय प्रबंधक सुरेश प्रसाद चौधरी के प्रयासों की भी सराहना की जा रही है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए विद्यालय प्रबंधन की ओर से आने-जाने, रहने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था कराई गई। इस सहयोग के कारण खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि बच्चों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय खेल और अन्य गतिविधियों में भी आगे बढ़ने का अवसर दिया जाना चाहिए। इसी सोच के तहत बच्चों को उनकी रुचि और प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सौम्या और दीपक की राष्ट्रीय स्तर की सफलता इसी प्रयास का परिणाम मानी जा रही है।
शैलेश ने भी बढ़ाया पूर्वी चंपारण का मान
वहीं पूर्वी चंपारण जिले के शैलेश कुमार, पिता अरविंद कुमार, ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन से जिले का नाम रोशन किया है। शैलेश कुमार राजकीय (+2) उच्च माध्यमिक विद्यालय, गायघाट के छात्र हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए शैलेश ने अपने विद्यालय के साथ-साथ पूर्वी चंपारण, अपने माता-पिता और क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
शैलेश की उपलब्धि से उनके विद्यालय और परिवार में भी उत्साह का माहौल है। ग्रामीण और सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों के लिए शैलेश की सफलता एक प्रेरणा के रूप में देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि खेल प्रतिभाओं को यदि समय पर उचित प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध हों तो वे बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
खिलाड़ियों की सफलता से युवाओं में बढ़ा उत्साह
थांग-ता मार्शल आर्ट जैसे खेल में बिहार के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन खेल जगत के लिए उत्साहजनक संकेत है। खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों की सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा किसी स्थान या आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होती। मेहनत, लगन, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बल पर खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं।
मोतिहारी पहुंचने पर खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए खेल प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उनकी सफलता पर खुशी जताई। लोगों ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना केवल खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार, विद्यालय और पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय प्रबंधन के सहयोग से मिली यह सफलता दूसरे बच्चों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। अभिभावकों और विद्यालयों को भी बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने की जरूरत है।
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर लौटे सौम्या कुमारी, दीपक कुमार और शैलेश कुमार से अब खेल प्रेमियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। लोगों ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ये प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बिहार और भारत का नाम रोशन करेंगे।










