तन स्वस्थ तो मन भी स्वस्थ: मानसिक तनाव से मुक्ति का संदेश, नगर भवन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित”

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मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के नगर भवन में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मानसिक तनाव, अवसाद (डिप्रेशन), चिंता और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के आयोजक:

इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन प्रसिद्ध मेंटल कोच विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग शारीरिक स्वास्थ्य पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी कर देते हैं, जो कई गंभीर समस्याओं का कारण बनती है।

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ:

कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार, कुमार अमित, अमित अचल, राजेश कुमार, विनय कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

गणेश वंदना से हुई शुरुआत:

कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गणेश वंदना से हुआ। सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और पूरे कार्यक्रम का वातावरण सकारात्मक एवं प्रेरणादायक बन गया।

मानसिक तनाव से बचने के बताए           उपाय:

मेंटल कोच विनय कुमार सिंह ने कहा कि मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद आज समाज की बड़ी चुनौती बन चुके हैं। यदि समय रहते इन समस्याओं की पहचान नहीं की जाए तो व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार होकर आत्महत्या जैसे गंभीर कदम तक उठा सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित व्यायाम, योग, ध्यान, पर्याप्त नींद, परिवार के साथ समय बिताना, सकारात्मक सोच और अपनी भावनाओं को साझा करना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के प्रभावी उपाय हैं।

विशेषज्ञों ने दिया महत्वपूर्ण संदेश:

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि मानसिक बीमारी भी अन्य बीमारियों की तरह ही एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है। इससे घबराने या छिपाने की बजाय समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक या काउंसलर की सलाह लेनी चाहिए। समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना भी बेहद जरूरी है।

युवाओं और विद्यार्थियों को किया            गया जागरूक:

कार्यक्रम में विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं को तनाव प्रबंधन, परीक्षा के दबाव, सोशल मीडिया के प्रभाव तथा जीवन में आने वाली चुनौतियों का सकारात्मक तरीके से सामना करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति ही जीवन की कठिन परिस्थितियों का बेहतर सामना कर सकता है।

अतिथियों का किया गया सम्मान:

कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प दोहराया।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद:

इस अवसर पर बड़ी संख्या में चिकित्सक, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने समाज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाने तथा तनावमुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संदेश के साथ हुआ कि “स्वस्थ मन ही स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।”