हरिसेवा आश्रम के वार्षिक उत्सव में उमड़ा संतों का समागम, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी और कैलाश विजयवर्गीय सहित कई दिग्गज हुए शामिल

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हरिद्वार/सनातनी संकुल: हरिसेवा आश्रम के वार्षिक उत्सव के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में देश के प्रख्यात संतों, मूर्धन्य आध्यात्मिक गुरुओं और शीर्ष राजनीतिक विभूतियों का भव्य समागम हुआ। इस अलौकिक और गरिमामयी समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

यह ऐतिहासिक व भव्य आयोजन हरिसेवा आश्रम के संस्थापक महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ, जहां सनातन धर्म की विविध धाराओं का अनुपम संगम देखने को मिला।

इस वृहद संत सम्मेलन में आध्यात्मिक चेतना के केंद्र रहे निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज, बिहार के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक बाबा सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर, अरेराज (पूर्वी चंपारण) के पीठाधीश्वर महंत महामंडलेश्वर स्वामी रविशंकर गिरि महाराज और तुलसी मानस मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी अर्जुन पुरी जी महाराज ने मंच की शोभा बढ़ाई। इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने भी इस भव्य समागम में सम्मिलित होकर इसे वैचारिक और आध्यात्मिक भव्यता प्रदान की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारत की आत्मा संतों के चरणों में बसती है। उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता में पूज्य संतों के अमूल्य योगदान की भूरि-भूरि सराहना की।

वहीं, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि, स्वामी रविशंकर गिरि, स्वामी अर्जुन पुरी, योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने सामूहिक रूप से समाज को योग, आयुर्वेद, धर्मनिष्ठा, आध्यात्मिक चेतना और अनुशासित जीवन शैली के माध्यम से सशक्त व संगठित बनाने का दिव्य संदेश दिया। इस पावन अवसर पर देश के कोने-कोने से उमड़े हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए, जिन्होंने पूज्य संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर जीवन को धन्य किया।