अरेराज धाम में दूसरी सोमवारी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पार्वती पोखर में डूबने से युवक की मौत

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अरेराज (पूर्वी चंपारण): पवित्र श्रावण मास की दूसरी सोमवारी पर उत्तर बिहार के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक बाबा सोमेश्वरनाथ धाम अरेराज में आस्था, भक्ति और जनसैलाब का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। पहली सोमवारी की अपार सफलता के बाद दूसरी सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में और भी अधिक उत्साह देखा गया।

ब्रह्म मुहूर्त से ही बाबा के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, पूरा मंदिर परिसर तथा अरेराज नगर श्रद्धालुओं से पट गया। चारों दिशाओं में गूंजते ‘हर-हर महादेव’, ‘जय बाबा सोमेश्वरनाथ’ और ‘बोल बम’ के गगनभेदी जयघोष से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान सहित उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों और पड़ोसी देश नेपाल से भी लाखों की संख्या में कांवड़िये तथा श्रद्धालु बाबा सोमेश्वरनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए पहुँचे।

दूसरी सोमवारी पर अहले सुबह से ही गेरुआ वस्त्र पहने कांवड़ियों के लंबे जत्थे बाबा धाम की ओर बढ़ते दिखाई दिए। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नज़र नहीं आई और भक्त कतारबद्ध होकर धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतज़ार करते रहे। भक्तों ने बाबा सोमेश्वरनाथ का जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की। गर्भगृह में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने और सभी को सुलभ दर्शन कराने के लिए अरघा के माध्यम से जल अर्पित कराया गया, जिससे मंदिर में व्यवस्था सुगम बनी रही। इस पावन अवसर पर श्री सोमेश्वरनाथ धाम अरेराज मठ के पीठाधीश्वर एवं जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी रविशंकर गिरि जी महाराज के सानिध्य में बाबा सोमेश्वरनाथ का अलौकिक श्रृंगार किया गया। इसके उपरांत विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष रुद्राभिषेक व भव्य महाआरती संपन्न हुई।

 

सोमवारी पर्व के दौरान अरेराज में एक दुखद घटना भी घटी। पार्वती पोखर में स्नान के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। अन्य श्रद्धालुओं के सहयोग से युवक को तत्काल पोखर से निकालकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान संग्रामपुर प्रखंड के मधुबनी निवासी सुरेंद्र शर्मा के पुत्र छोटू कुमार के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी), अंचलाधिकारी (सीओ) और थानाध्यक्ष ने अस्पताल पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। उधर, मंदिर निकास द्वार से पार्वती पोखर तक जाने वाले मार्ग पर सपेरों और भिक्षुकों के भारी जमावड़े के कारण श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आया। अरेराज अनुमंडल पदाधिकारी अंजली कुमारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रवि कुमार ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरी व्यवस्था की कमान संभाली। दोनों अधिकारियों ने मंदिर परिसर, गर्भगृह, प्रवेश एवं निकास मार्ग, कतारों तथा मेला क्षेत्र का लगातार भ्रमण कर निरीक्षण किया। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए अरेराज थानाध्यक्ष प्रत्याशा कुमारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी आदित्य नारायण दीक्षित पुलिस बल के साथ निरंतर डटे रहे। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे क्षेत्र को विभिन्न ज़ोन में विभाजित कर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। भीड़ नियंत्रण के लिए संपूर्ण परिसर में सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। प्रशासन और मठ प्रबंधन के बेहतर समन्वय से जगह-जगह शुद्ध पेयजल, छायादार शेड और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक प्रबंध किया गया था।