रक्सौल पूर्वी चंपारण – जिस दिन व्यक्ति अन्य से अपनी तुलना करना बंद कर देता है,उसी दिन वह अतुलनीय हो जाता है। अंहकार की “आरी” और “कपट”की कुल्हाड़ी संबंधों को काट डालती है।उक्त विचार लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता एवं भारत विकास परिषद् , रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया।साधारण और विशेष के बीच बस थोड़ा ही अंतर होता है। हम सभी सामान्य पैदा होते हैं, लेकिन हमारे प्रयास और साहस हमको विशिष्ट बना देते हैं। सब दुःख दूर होने के बाद मन प्रसन्न होगा, ये आपका भ्रम है। मन प्रसन्न रखें, सब दुःख दूर हो जाएंगे, ये हकीकत है। पथ प्रदर्शक वही हो सकता है जो स्वयं भटका हुआ न हो। हर इंसान में कुछ न कुछ “प्रतिभा” होती है लेकिन अक्सर लोग इसे दूसरों के जैसे बनने में “नष्ट” कर देते हैं। हमारी हथेली की सभी उंगलियां लंबाई में बराबर नहीं होती,किंतु जब वे मुड़ती हैं तो बराबर दिखाई देती है। इसी प्रकार यदि हम किन्हीं परिस्थितियों में थोड़ा सा झुक जाते हैं तो जीवन बहुत आसान व आनंदित हो जाता है। जिंदगी में अनुभव ऐसी किताब है,जिसका हर एक पन्ना कोरा रहता है, जिसे लिखने की जिम्मेदारी आपकी है क्योंकि इसके लेखक सिर्फ आप ही है। पवित्रता,धैर्य और प्रयत्न के द्वारा कार्य करने से सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि सभी महान कार्य धीरे-धीरे ही होते हैं। समय अमूल्य है, समय को व्यर्थ गँवाने से सदैव बचें क्योंकि यह मूल्यवान और बहुमूल्य नहीं अपितु अमूल्य है। जीवन भर की एकत्र कमाई को व्यय करने पर भी समय के एक पल को नहीं खरीदा जा सकता है। इस मानव जीवन का एक-एक क्षण बड़ा ही अमूल्य है इसलिए समय का दुरुपयोग करने से सदैव बचना चाहिए। समय निरंतर गतिशील एवं परिवर्तनशील है,समय किसी के साथ नहीं चलता,हमें ही इसके साथ चलना पड़ेगा। सौंदर्य किसी बाहरी रूप रंग वेष भूषा और साज श्रृंगार में नहीं है अपितु यह सब तो काल्पनिक है।









