मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के शिकारगंज थाना क्षेत्र में चार नाबालिग बच्चियों के अपहरण मामले का पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी अनुसंधान और लगातार छापेमारी के परिणामस्वरूप सभी चारों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। वहीं इस सनसनीखेज मामले में संलिप्त मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकारगंज थाना कांड संख्या 104/26 के तहत मो. बसीर द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। आवेदन में चार नाबालिग बच्चियों के अचानक लापता होने तथा उनके अपहरण किए जाने की आशंका जताई गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया और वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
गठित टीम ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए गुप्त सूचना संकलन, तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग तथा विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी शुरू की। पुलिस की लगातार मेहनत और सटीक रणनीति के कारण घटना के महज 36 घंटे के भीतर सभी चारों अपहृत बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी मो. अशफाक, पिता फिरोज आलम, निवासी करसहिया, थाना शिकारगंज, जिला पूर्वी चंपारण को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद की गई पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले की परतें खोल दी हैं।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी गांव स्थित एक मदरसा में पढ़ाने का कार्य करता था। मदरसा शिक्षक होने के कारण उसका बच्चियों और उनके परिवारों के बीच आना-जाना था तथा इसी वजह से वह बच्चियों के संपर्क में आया था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने एक नाबालिग बच्ची को प्रेम-प्रसंग का झांसा देकर अपने प्रभाव में लिया और फिर अन्य बच्चियों को भी साथ ले जाने की योजना बनाई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ने बच्चियों का विश्वास जीतकर उन्हें अपने साथ जाने के लिए तैयार किया था। हालांकि समय रहते पुलिस की सक्रियता के कारण किसी बड़ी अनहोनी की आशंका टल गई और सभी बच्चियों को सुरक्षित उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने अपहृत बच्चियों में से एक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिसे जांच के लिए जब्त किया गया है। पुलिस अब मोबाइल के कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता तो नहीं थी।
घटना के सफल उद्भेदन के बाद बच्चियों के परिजनों ने राहत की सांस ली है। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ लिया जाता है और इस मामले में भी सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर बच्चियों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि बच्चों और किशोरियों को सोशल मीडिया, मोबाइल और अनजान लोगों के बहकावे से बचाने के लिए अभिभावकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिकारगंज पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। महज 36 घंटे में चार नाबालिग बच्चियों की सकुशल बरामदगी और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को जिले की पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं इस कार्रवाई से आम लोगों में भी सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
फिलहाल पुलिस आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है तथा मामले के हर पहलू की गहन जांच जारी है।










