मोतिहारी/हरसिद्धि। पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र अंतर्गत पानापुर रंजीता पंचायत के वार्ड संख्या 07 निवासी एवं फल व्यवसायी चन्द्रिका साह ने मोतिहारी पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर हरसिद्धि थाना में पदस्थापित एक एसआई समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यवसायी ने आरोप लगाया है कि फल और जूस की दुकान पर सामान लेने के बाद पैसे के विवाद को लेकर उनके और उनके पुत्र के साथ मारपीट की गई तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
15 वर्षों से चला रहे हैं दुकान
आवेदन में चन्द्रिका साह ने बताया है कि वह हरसिद्धि बाजार स्थित मदेशिया स्वीट्स के पास “जय माता दी” नाम से पिछले लगभग 15 वर्षों से फल और जूस की दुकान संचालित कर रहे हैं। उनके अनुसार 1 जून 2026, सोमवार की सुबह करीब 9 बजे उनका 16 वर्षीय पुत्र रूपेश कुमार दुकान संभाल रहा था।
फल और नारियल पानी लेने का आरोप
चन्द्रिका साह के अनुसार उसी दौरान हरसिद्धि थाना में पदस्थापित एसआई प्रीतम कुमार दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने डेढ़ किलो जर्दा आम, एक किलो सेब तथा दो नारियल पानी लिया। इन सभी सामानों की कुल कीमत लगभग 700 रुपये हुई।
व्यवसायी का आरोप है कि जब उनके पुत्र ने सामान की कीमत बताई तो संबंधित पुलिस अधिकारी नाराज हो गए और कथित रूप से कहा कि “शाम को बताते हैं।” आवेदन में यह भी कहा गया है कि बाद में तीन अलग-अलग बार में 90 रुपये, 160 रुपये और 40 रुपये, कुल 290 रुपये ऑनलाइन माध्यम से भेजे गए और शेष राशि का भुगतान नहीं किया गया।
अगले दिन रात में पहुंचे पुलिसकर्मी
पीड़ित का आरोप है कि अगले दिन 2 जून 2026 की रात लगभग 8 बजे एसआई प्रीतम कुमार, अपीनाश कुमार, अनिल कुमार समेत करीब छह पुलिसकर्मी उनकी दुकान पर पहुंचे। आवेदन के अनुसार इनमें कुछ पुलिसकर्मी वर्दी में थे जबकि अन्य सादे कपड़ों में मौजूद थे।
चन्द्रिका साह ने आरोप लगाया है कि दुकान पर पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और उन्हें प्रशासन से उलझने का आरोप लगाते हुए धमकाया। आवेदन में दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनके पुत्र को झूठे हत्या, चरस तस्करी तथा अन्य गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी।
पिता-पुत्र के साथ मारपीट का आरोप
व्यवसायी ने अपने आवेदन में कहा है कि पुलिसकर्मियों द्वारा उनके और उनके पुत्र रूपेश कुमार के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए।
चन्द्रिका साह ने यह भी बताया कि हाल ही में उनके शरीर के एक हिस्से का ऑपरेशन हुआ था और मारपीट के दौरान उसी स्थान पर चोट पहुंचाई गई, जिससे उन्हें काफी पीड़ा हुई। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी दोनों को जबरन वाहन में बैठाकर थाने ले जाने का प्रयास कर रहे थे।
स्थानीय लोगों ने किया बीच-बचाव
आवेदन के अनुसार जब पिता-पुत्र ने इसका विरोध किया तो आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे। लेकिन आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी गाली-गलौज कर वहां से भगा दिया।
मोबाइल छीनने और वीडियो डिलीट करने का आरोप
चन्द्रिका साह ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उनका तथा अरविंद नामक एक युवक का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। उनका कहना है कि लोग घटना का वीडियो बना रहे थे, जिसे रोकने के लिए मोबाइल कब्जे में लिया गया।
पीड़ित ने दावा किया है कि पूरी घटना आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। उन्होंने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है।
परिवार में दहशत का माहौल
घटना के बाद चन्द्रिका साह ने बताया कि उनका पूरा परिवार भय और तनाव में है। उन्होंने कहा कि कथित धमकियों के कारण परिवार के सदस्य किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं।
एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
व्यवसायी ने मोतिहारी पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सीसीटीवी फुटेज की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल यह आरोप आवेदन के माध्यम से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना शेष है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










