पूर्वी चंपारण के कोटवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब सदर एसडीओ निशात सिहारा ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में भारी लापरवाही सामने आई। एसडीओ को मौके पर चार से पाँच स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. गौरभ कुमार भी ड्यूटी से गायब पाए गए। जब उनसे इस संबंध में पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि उनकी उस दिन ड्यूटी नहीं थी, जबकि रोस्टर में उनकी ड्यूटी दर्ज थी। इतना ही नहीं, अस्पताल के एक कमरे को उन्होंने निजी आवास की तरह इस्तेमाल कर रखा था, जिसे देखकर एसडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई।
वहीं, जांच के दौरान डाटा ऑपरेटर आलोक कुमार भी रजिस्ट्रेशन के नाम पर निर्धारित शुल्क से दोगुना पैसा लेते हुए पकड़े गए। इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ ने तत्काल मामले की जांच का निर्देश दिया।
एसडीओ के अचानक निरीक्षण से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच जारी है और संभावना जताई जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद कई कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गाज गिर सकती है।










