भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को लेकर रक्सौल SSB मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, तस्करी पर सख्ती और विकास योजनाओं में तेजी के निर्देश

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रक्सौल स्थित SSB मुख्यालय में शनिवार को बिहार के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक की संयुक्त अध्यक्षता में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अहम बैठक में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित SSB के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की समीक्षा करना तथा विकास योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करना था।

बैठक में जानकारी दी गई कि पूर्वी चंपारण जिले की 114.54 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कुल 1237 सीमा स्तंभ स्थापित हैं। इनमें से 931 सीमा स्तंभ सुरक्षित और स्पष्ट स्थिति में पाए गए हैं, जबकि 73 स्तंभ क्षतिग्रस्त हैं। इन क्षतिग्रस्त स्तंभों के संयुक्त निरीक्षण एवं नियमित मॉनिटरिंग के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस संबंध में 24 मार्च 2026 को SSB मुख्यालय रक्सौल में फील्ड सर्वे टीम (FST) की बैठक भी आयोजित की जा चुकी है।

सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की दिशा में भी प्रशासन ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। सीमा स्तंभों के दोनों ओर चिन्हित कुल 121 अतिक्रमणों में से 117 को हटाया जा चुका है, जबकि शेष 4 मामलों में कार्रवाई जारी है। इसके अतिरिक्त सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में रक्सौल एवं सिकरहाना क्षेत्र में कुल 34 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। नो-मैन्स लैंड में 4 अनधिकृत धार्मिक संरचनाओं की भी पहचान की गई है, जिन पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। वर्ष 2022 से 2026 के बीच शराब तस्करी के 22,500 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं हथियार तस्करी के 779 मामलों में 1179 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। मादक पदार्थ तस्करी के 448 मामलों में 663 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जाली नोट के 10 मामलों में 54.64 लाख रुपये की जब्ती की गई है। अवैध विदेशी घुसपैठ के कुल 41 मामलों में वर्ष 2025 में अकेले 25 विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। पकड़े गए नागरिकों में बांग्लादेश, श्रीलंका और अबू धाबी के लोग शामिल हैं, जिनकी सूचना संबंधित देशों के दूतावासों को भेज दी गई है।

रक्सौल अनुमंडल क्षेत्र में नशा विरोधी अभियान के तहत 1918 अभियुक्तों से गांजा, चरस, स्मैक, अफीम, नशीली गोलियां और सुइयां बरामद की गई हैं। मानव तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान में 574 लोगों का रेस्क्यू किया गया, जिनमें 77 नाबालिग भी शामिल हैं। रोजगार के नाम पर मानव व्यापार करने वाली कई संदिग्ध कंपनियों की भी पहचान की गई है। BNSS की धारा 107 के तहत 53 अवैध कारोबारियों के खिलाफ 53 करोड़ 5 लाख रुपये तथा भू-माफियाओं के खिलाफ 12 करोड़ 3 लाख रुपये की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

बैठक में रक्सौल एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की स्थिति की भी समीक्षा की गई और प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीमावर्ती 12 गांवों में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत ग्राम प्रोफाइलिंग और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। 125 योजनाओं में से 90 का DPR तैयार हो चुका है और 74 योजनाएं पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी हैं।

अधिकारियों ने जिला प्रशासन, पुलिस, SSB और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने, संयुक्त गश्त और रात्रि कैंप की निरंतरता सुनिश्चित करने तथा सीमावर्ती गांवों में विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि सीमा सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है।