पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जनेरवा में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बच्चों को परोसे गए मिड-डे मील (एमडीएम) के भोजन में कीड़ा मिलने की शिकायत सामने आई। इस घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और जैसे ही इसकी सूचना ग्रामीणों और अभिभावकों तक पहुँची, बड़ी संख्या में लोग स्कूल पहुँचकर जमकर हंगामा करने लगे।
घटना को लेकर अभिभावकों में काफी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन और भोजन सप्लाई करने वाली एनजीओ की लापरवाही के कारण बच्चों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आई है, बल्कि पहले भी कई बार घटिया भोजन दिए जाने की बात उठती रही है, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
जैसे ही मामले की जानकारी फैली, स्कूल परिसर में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और अभिभावक जुट गए और स्कूल प्रशासन तथा संबंधित एनजीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। अभिभावकों का कहना था कि बच्चों को पोषण देने के लिए चल रही सरकारी योजना में इस तरह की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही अरेराज नगर पंचायत के मुख्य पार्षद रण्टू पांडेय और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि झुना पांडेय मौके पर विद्यालय पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। मुख्य पार्षद रण्टू पांडेय ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने तत्काल अनुमंडल प्रशासन को इसकी सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
मुख्य पार्षद की सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अरेराज के अनुमंडल पदाधिकारी दल-बल के साथ विद्यालय पहुँचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मिड-डे मील के भोजन के नमूनों की जांच की और उपस्थित ग्रामीणों तथा अभिभावकों के बयान दर्ज किए। साथ ही स्कूल में रखे एमडीएम स्टॉक और भोजन आपूर्ति से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में काफी नाराजगी है और वे दोषी एनजीओ तथा स्कूल के प्रधानाध्यापक पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल स्कूल परिसर में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन की टीम लगातार मामले की निगरानी कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे।










