आर्य समाज मंदिर में धुम- धाम से मनाया गया बोध दिवस

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आर्य समाज वेद मंदिर मोतीहारी के प्रांगण में आर्य समाज के संस्थापक महर्षि स्वामी दयानंद जी के 200वी जयंती बोध उत्सव (महाशिवरात्रि )के अवसर पर शिव महापारायण महायज्ञ का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर इस महायज्ञ को संपन्न करने के लिए बैरगनिया स्थित गुरुकुल के आचार्य सदानंद शास्त्री जी उपस्थित हुएl और अपना विचार व्यक्त करते हुए शिवरात्रि और बोध उत्सव में क्या संबंध है, इसकी चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि यह शिवरात्रि भारतीय सनातन व्यवस्था के लिए बड़ा ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है। क्योंकि इसी पावन अवसर पर आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद जी को बोध यानी ज्ञान हुआ था। और उनके ज्ञान होने के फलस्वरुप ही भारत वर्ष के धार्मिक क्षेत्र में आज वेदों का पठन-पाठन संभव हो पाया है। वहीं पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को संबोधित करते हुए आचार्य जी ने महिलाओं के उत्थान में महर्षि दयानंद के योगदानों की चर्चा करते हुए बताया कि, अगर महिला समाज के लिए इस भारत के पवित्र धरती पर कोई सबसे बड़ा चिंतन किया तो वह महर्षि दयानंद है।

उन्होंने महिलाओं के विषय में बताते हुए कहा कि जब हमारे समाज की महिलाएं बेटियां वेदों का अध्ययन नहीं कर सकती थी, यज्ञ कभी धारण नहीं कर सकती थी। उस समय महर्षि ने वेदों का प्रमाण देते हुए इस मत का खंडन किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टर विपिन शास्त्री ने अपना विचार व्यक्त करते हुए समाज में फैली हुई को व्यवस्थाएं जैसे अंधविश्वास आडंबर नारी उत्पीड़न पर अपना विचार व्यक्त करते हुए बताएं कि, जब तक समाज में ऐसी कु प्रथाएं चलती रहेगी। तब तक हमारा समाज सशक्त नहीं होगा। इस मौके पर उपस्थित नरकटियागंज पश्चिमी चंपारण से पधारे तबला वादक श्री माधव मिश्रा जी ने अपने सु मधुर भजनों के द्वारा सैकड़ो श्रोताओं का हृदय तृप्ति किया।

आर्य समाज मोतिहारी के प्रधान  विनोद कुमार आर्य ने कुशलता पूर्वक मंच के संचालन की।

आर्य समाज मोतिहारी के मंत्री डॉक्टर मनीष प्रसाद आर्य ने महिला दिवस के इस अवसर पर अपना विचार व्यक्त करते हुए समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले महिलाओं को सम्मानित की।

इसमें डॉक्टर शशि कला जी गर्ल जिला स्कूल के पूर्व प्राचार्य जिनका हमारे समाज को बड़ा ही सुंदर योगदान मिलता रहता है साथ में डॉक्टर संगीता चित्रांश जो अभी वर्तमान में इनरवेल क्लब के चार्टर प्रेसिडेंट के रूप में समाज को अपना योगदान दे रही है। साथ में डॉक्टर पुतुल श्रीवास्तव जो हमेशा सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाती रहती हैं साथ में डॉक्टर धीरा गुप्ता जी जो अभी वर्तमान में पतंजलि योग शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं इनका भी योगदान समाज को हमें सब प्राप्त होता रहता है।

इस मौके पर आर्य समाज मोतिहारी के महिलाएं जो हमेशा सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देते रहते हैं जैसे शोभा आर्य जी, अनीता आर्या जी, प्रतिभा आर्या जी, प्रभावती आर्या जी, अंजनी आर्या जी,निर्मला आर्या जी,रंजना आर्या जी,को उत्कृष्ठ योगदान के लिए सम्मानित करने का कार्य की।

इस अवसर पर आर्य समाज मोतिहारी के पुरोहित अवधेश आज जी ने यज्ञ के संपूर्ण व्यवस्था को करते हुए यज्ञ का विधिवत संचालन का कार्य किया।

इस अवसर पर आर्य समाज मोतिहारी के कोषाध्यक्ष श्री राजबल्लव प्रसाद आर्य उप मंत्री श्री उपेंद्र प्रसाद आर्य जी ने भोजन और प्रसाद के बड़े ही सुंदर व्यवस्था करके सबको फलाहार से लेकर भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराने का पुनीत कार्य किए। साथ में आर्य समाज मोतिहारी के बड़े ही कुशल कार्यकर्ता श्री सत्यनारायण ठाकुर आर्य ने सारी व्यवस्थाओं पर अपना नजर बनाए हुए थे । इस अवसर उपस्थित श्री देवेश चंद्र आर्य, उप प्रधान आर्य समाज मोतिहारी श्री धर्मवर्धन प्रसाद आर्य पूर्व प्रधान आर्य समाज मोतिहारी, आनंद कुमार आर्य, अमर कुमार आर्य, मनीष कुमार आर्य, प्रियांसु कुमार आर्य, ज्ञानेश कुमार आर्य,ने अपने अथक परिश्रमों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाएं।

अंत में शांति पाठ के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया। इस मौके पर शहर के सैकड़ो नर नारियों भाग लेकर हरशोलास पूर्वक महाशिवरात्रि बोध उत्सव के पावन पर्व को मनाई