मतिहारी, हिंदू नवजागरण मंच का जिला मंगल मिलन कार्यक्रम नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम कि अध्यक्षता जिला प्रधान रमाकान्त शर्मा शास्त्री एवं संचालन संजय कुमार तिवारी ने की। कार्यक्रम कि शुरुआत वैदिक मंत्र,दीप प्रज्वलन एवं हनुमान चालीसा के सामुहिक पाठ से किया गया।
तत्पश्चात आयोजन समिति के अध्यक्ष शंभू प्रसाद जैसवाल ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम चार सत्रों में सम्पन्न हुआ प्रथम आध्यात्मिक सत्र में आश्रम व्यवस्था पर बोलते हुए प्रोफेसर रामनिरंजन पांडे ने कहा कि चार आश्रम ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ एवं संन्यास में क्रमशः स्वयं, परिवार,समाज एवं प्रकृति के निर्माण में व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होता है लेकिन दुर्भाग्यवश हम सिर्फ गृहस्थ आश्रम में ही उलझ गए हैं जिससे समाज एवं प्रकृति में संकट खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य सत्र में प्रोफेसर शोभाकांत चौधरी ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा रहना है निरोग तो करना होगा योग।
औषधि चर्चा में राममनोहर ने गुड़ के महत्व पर प्रकाश डाला। सामाजिक सत्र का विषय संस्कार निर्माण था इस विषय पर वक्ताओं ने कहा कि आज समाज संस्कार के संकट से जूझ रहा है। शिष्टाचार समाज से समाप्त हो रहा है हम धर्म का त्याग कर सिर्फ धन अर्जन में लगे हुए हैं। अपने अगले पीढ़ी को नैतिक मूल्यों कि शिक्षा देनी होगी।संगठन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यकारी दिनेश कुमार ने कहा कि मंगल मिलन समाज को शक्तिशाली बनाने का उपक्रम है, जो प्रत्येक मंगलवार को गांव मुहल्ले स्तर पर एक घंटे के लिए किया जाता है।यह समाज का मंगल मिलन होता है जहां सभी जाति, पार्टी, संस्था के लोग एक साथ बैठकर अपने समस्या के निदान हेतु चर्चा करते है। जिला के प्रत्येक गांव में मंगल मिलन कि स्थापना के लिए मंच कार्य कर रहा है। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन चंदन लगाने, प्रत्येक परिवार में तुलसी शास्त्र शस्त्र रखने एवं प्रत्येक गांव में मंगल मिलन शुरू करने का संकल्प कराया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में रमाकांत शर्मा शास्त्री ने कहा कि बच्चों में संस्कार निर्माण हेतु मगंल मिलन गांवों में बाल संस्कारशाला शुरू करेगा। यही जिला मंगल मिलन कि उपलब्धि होगी।
धन्यवाद ज्ञापन मुरारी शरण पांडे ने की। कार्यक्रम में सभी प्रखंडों के दो सौ पचास गांवों से दो हजार लोगों के उपस्थिति के साथ सुरेश नारायण पाण्डेय,आर्य समाज के बिनोद आर्य, गायत्री परिवार के जगदीश प्रसाद, संजय वर्मा, ब्रह्मा कुमारी के अशोक कुमार वर्मा, चमेली पांडे,उषा त्रिवेदी,अमिता निधि, प्रमिला कुमारी, शैलेन्द्र तिवारी, संतोष पासवान, कर्पूरी ठाकुर,मनीष शाही, सुनील वर्मा, चंद्रिका सिंह, आनंद मिश्र पप्पू मिश्रा,नवलकिशोर सिंह,मदन शास्त्री, शशि भुषण शर्मा, विकास चौहान, ब्रजेश गुप्ता, अनिल सिंह, श्रीकांत द्विवेदी,सतनजीव झा,दिलिप पाठक, विजय कुमार,राजनारायन तिवारी,महेश कुमार, आनंद केसरी,विजय सहनी,अमित कुमार, दीपक चौधरी, अभिजीत कुमार, राजेश्वर प्रसाद रामविनय चौधुर, रामबाबू सिंह, गौरीशंकर पांडे, मुसाफिर महतो आदि मौजूद थे।








