24 घंटे का निर्जला व्रत तीज का पारन विधि

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भारत वर्ष मे आज यानी 18 सितंबर को महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखी  हैं। महिलाएं यह व्रत अपने पति और पुत्रो के लिए अखंड सौभाग्य की कामना के लिए करती हैं। वहीं कुछ जगहों पर कुंवारी लड़कियां भी अच्छे वर की प्राप्ति के इस व्रत को रखती हैं।

हरतालिका तीज व्रत के दिन मां पार्वती और शिव जी की पूजा जाती है। हरतालिका तीज व्रत बेहद कठिन होता है, क्योंकि यह व्रत पूरे 24 घंटे का निर्जला व्रत होता है। पूरे दिन व्रत रखने के बाद अगले दिन चतुर्थी तिथि के दिन  इसका पारण किया जाता है। जिस तरह हरतालिका तीज का व्रत विधि-विधान से रखा जाता है उसी प्रकार इसका पारण भी नियमों के अनुसार ही करना चाहिए। ऐसे में चलिए जानते हैं हरितालिका तीज व्रत का पारण कब और कैसे करना चाहिए

  • इसमें पूरे दिन निर्जला व्रत रखा जाता है और व्रत के अगले दिन जल ग्रहण किया जाता है। 
  • जो सुहागिन महिलाएं इस व्रत को करती हैं उन्हें हर एक वर्ष में इस व्रत को जरूर रखा जाता है। इस बीच में नहीं छोड़ा जा सकता है। 
  • हरतालिका तीज व्रत में रात के समय जागरण किया जाता है। 

हरतालिका तीज पूजा मुहूर्त 2023
हरतालिका तीज की पूजा के लिए इस दिन 3 शुभ मुहूर्त हैं। पहला मुहूर्त 06 बजकर 07 मिनट से 08 बजकर 34 मिनट तक है। उसके बाद दूसरा मुहूर्त सुबह 09 बजकर 11 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक है। इसके बाद तीसरा मुहूर्त दोपहर 03 बजकर 19 मिनट से शाम 07 बजकर 51 मिनट तक है। इन तीनों मुहूर्त में शिव-गौरी की पूजा करना उत्तम होगा।

हरतालिका तीज व्रत पारण विधि

हरतालिका तीज व्रत के अगले दिन सूर्योदय से पूर्व जाग जाएं और स्नान के बाद शिव गौरी की पूजा करें। इसके बाद प्रसाद में चढ़ाए मिष्ठान और जल से व्रत खोलें। इस बात का ध्यान रखें कि व्रत का पारण कभी भी नमकयुक्त या तले हुए भोजन से नहीं किया जाता है।
हरतालिका तीज व्रत पारण में क्या खाएं?
हरतालिका तीज व्रत का पारण करने के लिए सबसे पहले भगवान को चढ़ाया गया भोग खाना अच्छा माना जाता है। इसलिए पूजा में चढ़ाए गए भोग से ही अपना व्रत खोलें। इसके बाद भोजन ग्रहण करें।