आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका से दुष्कर्म के प्रयास का आरोप, सरकारी अभिलेख फाड़े; दोनों पक्षों में हिंसक झड़प

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मोतिहारी/मेहसी। पूर्वी चंपारण जिले के मेहसी थाना क्षेत्र के कटहाँ गांव स्थित एक सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत सेविका ने गांव के कुछ लोगों पर दुष्कर्म के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी अभिलेख फाड़ने और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

पीड़िता कौशल्या कुमारी, पति कन्हैया साह, ने अपने आवेदन में बताया है कि 3 जुलाई 2026 की सुबह वह नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र की साफ-सफाई कर रही थीं। इसी दौरान पुराने जमीनी विवाद को लेकर गांव के रामपुकार साह, राजकुमार साह और रमेश साह जबरन केंद्र में घुस आए। आरोप है कि तीनों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उनकी अस्मिता पर हमला करने का प्रयास किया। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने उनके निजी अंगों से भी छेड़छाड़ की।

महिला के शोर मचाने पर केंद्र के बच्चे और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इसके बाद सभी आरोपी सरकारी अभिलेखों को फाड़कर फेंकने लगे तथा आंगनबाड़ी केंद्र में रखे पोषाहार की सामग्री को भी बिखेर दिया। जाते-जाते उन्होंने महिला को धमकी दी कि अगली बार ऐसा सबक सिखाएंगे कि वह समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगी।

पीड़िता के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर उनके ससुर सहित परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। इसी बीच आरोप है कि रामपुकार साह, राजकुमार साह, रमेश साह, कमलेश साह, रामप्रवेश साह, श्रवण कुमार, मिथलेश कुमार, विक्रम कुमार, पवन कुमार, पंकज कुमार तथा अशोकर साह समेत कई लोग लाठी, डंडा और तलवार लेकर दोबारा पहुंचे और परिवार पर हमला कर दिया।

आरोप है कि इस दौरान महिला, उनके पति, सास, ससुर, देवर समेत परिवार के कई सदस्य मारपीट में घायल हो गए। घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच पथराव भी हुआ। पीड़िता का कहना है कि पथराव के दौरान विपक्षी पक्ष का ही एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले। जाते-जाते उन्होंने झूठे मुकदमे में फंसाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ पुराना भूमि विवाद है, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनाव रहा है। पीड़िता ने मामले में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।