स्मार्ट टेलीकॉम अनियमितता मामला : दो गिरफ्तार

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काठमांडू। नेपाल सरकार के स्वामित्व में आ चुकी स्मार्ट टेलीकॉम की संपत्तियों की गैरकानूनी नीलामी कराने के आरोप में पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। सीआईबी के अनुसार गिरफ्तार होने वालों में 55 वर्षीय पलिना श्रेष्ठ और 62 वर्षीय नरेंद्र उलाक शामिल हैं। श्रेष्ठ झम्सीखेल में रह रही थीं, जबकि उलाक धापासी के निवासी हैं। पुलिस ने उन्हें क्रमशः जमल और बखुंडोल से गिरफ्तार किया है।

काठमांडू जिला अदालत से गिरफ्तारी की अनुमति मिलने के बाद दोनों को हिरासत में लेकर जांच आगे बढ़ाई गई है। सीआईबी के प्रवक्ता वरिष्ठ पुलिस उपरीक्षक शिवकुमार श्रेष्ठ के अनुसार, स्मार्ट टेलीकॉम प्रा.लि. को 2 वैशाख 2070 को नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण से बेसिक टेलीफोन सेवा संचालन की अनुमति मिली थी।

लेकिन नियमानुसार लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराने के कारण दूरसंचार ऐन 2053 की धारा 25(5) के तहत 3 वैशाख 2080 से उसका लाइसेंस स्वतः रद्द हो गया था। लाइसेंस रद्द होने के बाद “अनुमति बहाल नहीं रहने वाले दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की संपत्ति प्रबंधन नियमावली 2079” के अनुसार स्मार्ट टेलीकॉम की सभी संपत्तियां, दूरसंचार ढांचा, संरचनाएं और नेटवर्क नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के नियंत्रण में आ गए थे।

हालांकि, सरकार के स्वामित्व में आ चुकी इन संपत्तियों को गैरकानूनी तरीके से नीलाम करने की कोशिश किए जाने का आरोप है। पुलिस ने ठगी और आपराधिक विश्वासघात के मामले में जांच आगे बढ़ाई है।

स्मार्ट टेलीकॉम के तत्कालीन संचालक सर्वेश जोशी को पहले ही गिरफ्तार कर सीआईबी जांच कर रही है। जोशी के बयान के बाद अन्य लोगों की गिरफ्तारी शुरू हुई है।

करीब तीन वर्ष पहले बंद होकर सरकार के स्वामित्व में आ चुकी स्मार्ट टेलीकॉम की अरबों की संपत्तियां नीलामी के माध्यम से एनसेल द्वारा हासिल किए जाने का आरोप है। बताया गया है कि नेपाल इन्वेस्टमेंट बैंक ने कंपनी को कर्ज नहीं दिया था, बल्कि एलसी खोलने के विषय को आधार बनाकर लगभग 4 अरब 60 करोड़ रुपये के उपकरणों की नीलामी की गई थी, जिसे एनसेल ने कथित मिलीभगत से खरीदा।

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में सभी पक्षों की संगठित मिलीभगत दिखाई देती है। जबकि लाइसेंस रद्द होने के बाद वह संपत्ति स्वतः सरकार की होनी चाहिए थी। सीआईबी सूत्रों के मुताबिक, इस मामले से संबंधित मूल फाइलें सीआईबी ने इन्वेस्टमेंट बैंक और एनसेल से जब्त कर ली हैं। अब उन दस्तावेजों के अध्ययन के बाद इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों पर भी जांच और कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।