वीरगंज में गूंजा प्रेस स्वतंत्रता का स्वर, प्रभात फेरी के जरिए पत्रकारों ने जताई चिंता

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वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे के अवसर पर नेपाल पत्रकार महासंघ पर्सा शाखा द्वारा वीरगंज में एक भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लेकर प्रेस स्वतंत्रता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। यह कार्यक्रम शाखा अध्यक्ष ओम प्रकाश खनाल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जो पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा।

प्रभात फेरी वीरगंज के ऐतिहासिक घण्टाघर से शुरू हुई और शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः घण्टाघर पर आकर सम्पन्न हुई। इस दौरान पत्रकारों ने प्रेस की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आज़ादी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के समर्थन में नारे लगाए, जिससे पूरे शहर में जागरूकता का संदेश गया।

कार्यक्रम में शाखा सचिव बिजय महतो, सह-सचिव एसके चौरसिया सहित महासंघ के कई पदाधिकारी एवं पर्सा जिले के वरिष्ठ और युवा पत्रकारों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में प्रेस स्वतंत्रता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ओम प्रकाश खनाल ने कहा कि वर्तमान समय में प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से संघीय संसद में विचाराधीन मीडिया काउंसिल विधेयक, सोशल मीडिया संचालन तथा नियमन विधेयक और सूचना प्रौद्योगिकी कानून जैसे प्रस्तावित कानूनों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि इन विधेयकों के माध्यम से प्रेस की स्वतंत्रता पर अप्रत्यक्ष रूप से अंकुश लगाने की कोशिश हो सकती है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है। खनाल ने यह भी बताया कि संचार क्षेत्र इस समय आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जिससे पत्रकारों का पलायन बढ़ रहा है और मीडिया संस्थानों की स्थिति कमजोर होती जा रही है।

इसके अलावा उन्होंने निजी मीडिया संस्थानों को मिलने वाले सरकारी विज्ञापनों और सूचनाओं पर रोक को भी एक बड़ी समस्या बताया। उनका कहना था कि इससे स्वतंत्र पत्रकारिता को नुकसान पहुंच रहा है और छोटे मीडिया संस्थान अस्तित्व के संकट से गुजर रहे हैं।

अध्यक्ष खनाल ने सभी पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और नागरिकों से अपील की कि वे प्रेस स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एकजुट हों। उन्होंने कहा कि यह केवल पत्रकारों का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी को सुरक्षित रखा जाए।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रेस की स्वतंत्रता बनाए रखने का संकल्प लिया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने की बात कही। वीरगंज में आयोजित यह प्रभात फेरी न केवल एक जागरूकता अभियान था, बल्कि प्रेस की आज़ादी के प्रति एक मजबूत संदेश भी साबित हुआ।